
उत्तराखंड में गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का प्रस्ताव पारित, मिला पहले राज्य का दर्जा
नई दिल्ली। गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने के प्रस्ताव पर उत्तराखंड विधानसभा में हरी झंडी दिखा दी गई है। अब इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। प्रदेश की पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने राज्य विधानसभा में यह प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यह सदन भारत सरकार से अनुरोध करता है कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए। इस प्रस्ताव के पास होने के साथ ही उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है।
मंत्री ने रखे ये 5 तर्क
पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि..
- गाय को मां का रूप माना गया है
- गाय के दूध को वैज्ञानिक द्रष्टि से सर्वश्रेष्ठ विकल्प माना गया है
- गाय हमारी आस्था की प्रतीक है और उसमें 33 करोड देवी—देवताओं का वास माना गया है, दर्शन से ही सारे पाप दूर हो जाते हैं
- गाय के गोबर और गौमूत्र में औषधीय गुण भी हैं
- गाय एकमात्र ऐसा पशु है जो न केवल आक्सीजन ग्रहण करता है बल्कि आक्सीजन छोडता भी है
सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने किया समर्थन
अगर गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाता है तो उससे उत्तराखंड सहित देश के 20 राज्यों में लागू गोवंश सरंक्षण कानून पूरे देश में लागू होगा और उसके संरक्षण के प्रयासों को और बल मिलेगा। रेखा की इस बात का सत्ता पक्ष और विपक्षी कांग्रेस के कई सदस्यों ने भी समर्थन किया। चर्चा के बाद, सत्ता पक्ष भाजपा और मुख्य विपक्ष कांग्रेस सहित पूरे सदन ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
सुरक्षा का भी रखा जाए ध्यान
नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाये कि राष्ट्रमाता का दर्जा देने के बाद भी गाय को अपमानित न होना पड़े और वह कहीं इधर-उधर भूख से व्याकुल घूमती या दम तोड़ती न दिखायी दे।.भाजपा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी बछड़ा मारा न जाए, गायों को उचित भोजन मिले, गोशालों की स्थिति ठीक हो और बुजुर्ग जानवरों के लिए उचित बंदोबस्त कराया जाए।
Published on:
20 Sep 2018, 11:09 AM IST
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