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ऑस्कर में भारत का जलवा, मुंबई के विकास ने जीता बड़ा अवॉर्ड

मुंबई के इंजीनियर विकास सथाए और उनकी टीम ने विदेश में भारत का सिर ऊंचा किया है।

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Chandra Prakash Chourasia

Feb 12, 2018

Vikas Sathaye

नई दिल्ली। मुंबई के इंजीनियर विकास सथाए और उनकी टीम ने विदेश में भारत का सिर ऊंचा किया है। उन्हें और उनकी टीम को 2018 के साइंटिफिक ऐंड इंजिनियरिंग अवार्ड के ऑस्कर अवार्ड से सम्मानित किया गया। चार लोगों वाली विकास की इस टीम को शनिवार बेवर्ली हिल्स सेरेमनी में यह अवार्ड शॉटओवर K1 कैमरा सिस्टम के कॉन्सेप्ट, डिजाइन, इंजिनियरिंग और इम्प्लिमेंटेशन के लिए दिया गया। एरियल कैमरा माउंट के रूप में व्याख्या की है।

क्वीनस्टॉउन की कंपनी में किया था काम
आपको बता दें उनके इस काम की एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एण्ड साइंस ने सिक्स एक्सिस स्टैबलिस्ड एरियल कैमरा माउंट के रूप में व्याख्या की है। मुंबई के मुलुंड इलाके में रहने वाले विकास ने इस बारे में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि 2009 में उन्होंने न्यूजीलैंड के क्वीनस्टॉउन में एक नई कंपनी शॉटओवर कैमरा सिस्टम ज्वाइन किया था। यहां वो एरियल माउंट पर काम करते थे। इस कंपनी के यहां खोलने की पीछे यहां की प्राकृतिक सुंदरता एक बड़ी वजह थी। यहां की सुंदरता फिल्म प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टरों को आकर्षित करती है।

क्या है कैमरा माउंट तकनीक?
कैमरा माउंट तकनीक पर स्पष्टीकरण देते हुए विकास बताते हैं कि कैमरा माउंट ऐसी तकनीक है, जिसे कैमरे और लेंस के बीच लगाया जाता है। इसके चलते किसी भी तरह के वाइब्रेशन का असर फोटो या वीडियो के क्वालिटी पर असर नहीं पड़ता। साथ ही इसके मदद से कैमरा हेड को अलग-अलग दिशाओं में घुमाया भी जा सकता है। इसका यह भी फायदा है कि इससे हेलीकाप्टर में बैठे हुए व्यक्ति भी कैमरे को घुमाकर आसानी से वीडियो शूटिंग कर सकते हैं।

सात साल रहे हैं इंजीनियरिंग कॉलेज में टीचर
विकास का जन्मस्थान पुणे में है। मुंबई से पढ़ाई करने वाले विकास का मन पढ़ाई से ज्यादा गैजेट और टेक्नोलॉजी में लगता था। उनके घर वाले भी उनके इस इंटरेस्ट पर उन्हें काफी प्रोत्साहित करते थे। विकास ने वीपीएम पॉलिटेक्निक ठाणे से डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही वो सात साल तक पुणे के ही कमिंस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वीमेन तक बतौर टीचर काम काम किया है। इसी दौरा उन्हें तीन महीनो के लिए इटली भेजा गया था, वहीं से उन्हें एम्बेडेड सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी के लिए मोटिवेशन मिला। बता दें उन्हें फिएट के साथ एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में इटली भेजा गया था।

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