मरीज की आवाज बताएगी Coronavirus का शरीर पर कितना है असर, मुंबई में एक हजार रोगियों के हुए टेस्ट

  • देशभर में तेजी से बढ़ रही Coronavirus से संक्रमितों की संख्या
  • अब आवाज के जरिए पता लगाया जाएगा शरीर में कोविड 19 वायरस का कितना है असर
  • मुंबई में अब तक 1 हजार से ज्यादा एकत्र किए जा चुके नमूने

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus ) का असर तेजी से बढ़ रहा है। देश में अब तक 63 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। यही वजह है कि केंद्र से लेकर राज्य सरकारों तक लगातार कोरोना से बाचव के लिए कड़े कदम उठा रही हैं। यही नहीं इस दौरान सरकार का फोकस ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग पर है ताकि जल्द से जल्द इस घातक वायरस पर काबू पाया जा सके। इसी कड़ी में अब कोरोना के मरीजों के शरीर में कोरोना का कितना असर है, इसे जानने के लिए भी टेस्टिंग की जा रही है।

ये जानकारी वॉइस टेस्टिंग तकनीक के जरिए जुटाई जा रही है। यानी अब आपकी आवाज बताएगी कि शरीर में कोरोना का कितना असर है। इसकी शुरुआत आर्थिक राजधानी मुंबई में हो चुकी है।

मुंबई में कोरोना की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित वॉइस टेस्टिंग की जांच शुरू की गई है। सितंबर महीने में करीब 1000 कोरोना मरीजों की जांच अब तक की जा चुकी है।

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ये होगा फायदा
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि कोरोना मरीज के शरीर में कोरोना का कितना असर बचा है इसकी जानकारी मिल जाएगी। साथ हा मरीज के लिए कोरोना का कितना रिस्क बचा है इसे जानने में भी मदद मिलेगी।

यहां एकत्र हो रहे नमूने
कोरोना के असर का पता लगाने के लिए मुंबई के नेस्को कोविड सेंटर में टेस्टिंग की जा रही है। इस दौरान मरीजों के आवाज के नमूनों को लिया जाता है। डीन डॉ. नीलम अंद्राडे के मुताबिक मरीजों के आवाज के सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं। अब तक एक हजार हो चुके हैं और 15 अक्टूबर तक ये आंकड़ा 2हजार को पार कर जाएगा।

यहां पर होगा परीक्षण
डॉ. नीमल के मुताबिक एकत्र किए गए सभी नमूनों को इजरायल की वेकेलिस हेल्थकेयर कंपनी के पास भेजा जाएगा वहां से करीब 6 महीने बाद रिपोर्ट सामने आएगा।

इस रिपोर्ट के आधार पर हम बता सकेंगे कि कोरोना से संक्रमित मरीजों के शरीर में इस वायरस की क्या स्थिति है और इससे शरीर पर को साइड इफेक्ट तो नहीं पड़ेगा।

मरीज की पूरी जानकारी हो रही एकत्र
डॉ. अंद्राडे ने बताया कि कोविड सेंटर में आने वाले उन्हीं लोगों की वाइस टेस्टिंग की जांच रही है जो कोविड-19 पॉजिटिव है। यह एक तरह का रिसर्च है। इसमें मरीज की पूरी जानकारी इकट्ठा की जा रही है।

इससे ये भी पता लगाया जा रहा है कि कोरोना संक्रमित मरीज की आवाज में क्या बदलाव आया और आवाज में कितनी कंपन है।

तीन बार होता है टेस्ट
कोरोना संक्रमित मरीज की वॉइस टेस्टिंग मशीन से तीन बार टेस्टिंग हो रही है। इसमें कोविड सेंटर में आने के पहले दिन, तीसरे दिन और डिस्चार्ज होने वाले दिन टेस्टिंग होती है। फिलहाल दो टेस्टिंग मशीनों से की जा रही जांच।

इन देशों में हो रहा प्रयोग
कोरोना वॉइस टेस्टिंग का प्रयोग मौजूदा समय में अमरीका और इजरायल जैसे देशों में शुरू हो चुका है।

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धीरज शर्मा
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