
Ghost house alloted to CBI team for Vyapam scam investigation
भोपाल। मध्य प्रदेश के
व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो
(सीबीआई) ने शुक्रवार को सात प्राथमिकी दर्ज किए जाने के साथ दो आरोपियों की मौत को
जांच के दायरे में लिया है। सीबीआई के प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया
है कि शुक्रवार को सात प्राथमिकी दर्ज की गई है। पहली प्राथमिकी पीएमटी 2013 को
लेकर है। यह वही परीक्षा है जिससे व्यापम घोटाले पर से पर्दा उठा था। इस मामले में
733 लोग आरोपी बनाए गए हैं, इनमें से 516 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, इस मामले
में एसटीएफ 12 आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है। धोखाधड़ी,
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से छेड़छाड़ सहित अन्य गड़बडियों को लेकर मामले दर्ज किए जा
चुके हैं।
सीबीआई ने दूसरी प्राथमिकी पुलिस आरक्षक (कांस्टेबल) भर्ती
परीक्षा 2012 को लेकर है, इसमें चार लोगों को आरोपी बनाया गया है। तीसरी प्राथमिकी
भी इसी परीक्षा को लेकर है और चार आरोपी बनाए गए हैं। चौथी प्राथमिकी पीएमटी 2009
को लेकर है इसमें 153 आरोपी बनाए गए हैं। पांचवीं प्राथमिकी वनरक्षक भर्ती परीक्षा
2013 में दर्ज कर 20 आरोपी बनाए गए हैं। छठी प्राथमिकी पीएमटी 2009 में दर्ज करते
हुए 271 आरोपी बनाए गए हैं। सातवीं प्राथमिकी भी पीएमटी 2009 की परीक्षा को लेकर
है, इसमें 46 आरोपी हैं।
एक तरफ सात प्राथमिकी दर्ज की गई है वहीं दो
आरोपियों की मौत को जांच के दायरे में लिया गया है। छह मामलों में आरोपी रहे प्रमोद
शर्मा की मौत को सीबीआई ने जांच के दायरे में लिया है। प्रमोद उत्तर प्रदेश के
झांसी का निवासी था। वहीं एक अन्य आरोपी नरेंद्र पाल सिंह की मौत को भी जांच में
लिया है। वह महोबा उत्तर प्रदेश का निवासी था। वह एक मामले में आरोपी
था।
ज्ञात हो कि राज्य में हुए व्यापमं घोटाले की सर्वोच्च न्यायालय के
निर्देश पर सीबीआई जांच कर रही है। एक तरफ जांच गड़बडियों पर प्राथमिकी दर्ज हो रही
है, वहीं संदिग्ध मौतों की भी जांच चल रही है।
Published on:
21 Aug 2015 11:57 pm
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