23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाखड़ा नंगल डैम में गिरा जलस्तर, हरियाणा में जल का संकट गहराया

डैम में जलस्‍तर गिरकर 1642 फीट तक पहुंच गया है। यह पहली बार है कि डैम में जलस्तर 1650 फीट से नीचे आया है।

2 min read
Google source verification

image

Mohit Saxena

Jun 10, 2018

Bhakra Nangal dam

भाखड़ा नंगल डैम में गिरा जलस्तर, हरियाणा में जल का संकट गहराया

चंडीगढ़। भाखड़ा नंगल डैम में जलस्तर घटने से हरियाणा और पंजाब में जल संकट गहराने की आशंका है। हरियाणा में हालत ज्यादा खराब हो सकती है। गौरतलब है कि भाखड़ा नंगल डैम में जलस्तर लगातार गिर रहा है। हालात यह है कि यह अभी तक सबसे निचले स्‍तर पर पहुंच गया है। डैम में जलस्‍तर गिरकर 1642 फीट तक पहुंच गया है। यह पहली बार है डैम में जलस्तर 1650 फीट से नीचे आया है।

खट्टर के खिलाफ मोर्चा खोला

हरियाणा में कांग्रेस ने जल संकट के लिए मनोहरलाल खट्टर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दूसरी ओर भाजपा ने भी कांग्रेस पर पलटवार किया है। प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। इस पर भाजपा का कहना है कि जब पीछे से पानी कम आ रहा है तो इसमें सरकार क्या कर सकती है। इस मामले में राजनीति करना शर्मनाक है।

भयंकर पेयजल का संकट

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते हरियाणा में भयंकर पेयजल संकट है। अधिकतर जलघर, तालाब व जोहड़ सूख चुके या सूखने के कगार पर हैं। नहरों से पानी सप्लाई आधी से कम रह गई है। भाखड़ा डैम से मार्च से लेकर मई तक हरियाणा को उसके हिस्से का पूरा पानी नहीं मिला। किसी डैम से राज्यों को पानी का बंटवारा उनके तय हिस्सेदारी के हिसाब से होना चाहिए। पूर्व सीएम ने कहा कि पिछले साल 20 सितंबर को भाखड़ा बांध में पानी अपने उच्चतम स्तर 1680 फीट से थोड़ा ही नीचे 1673 फीट था। आज भाखड़ा में पानी का स्तर 31 फुट घट गया है। हुड्डा ने कहा कि जब हरियाणा बीबीएमबी का अपने हिस्से का पूरा खर्च उठा रहा है तो उसे उसके हिस्से का पानी क्यों नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सभी बड़े बांधों पर मैनेजमेंट बोर्ड का चेयरमैन हिस्सेदार राज्यों से बाहर का होता है। बीबीएमबी में इस परंपरा को तोड़ते हुए परियोजना में हिस्सेदार राज्य के व्यक्ति को ही चेयरमैन बना दिया गया। इससे हरियाणा के हित प्रभावित हुए।