पश्चिम बंगाल में आंशिक लॉकडाउन लागू, सभी राजनीतिक व धार्मिक समारोहों पर प्रतिबंध

West Bengal Partial Lockdown: पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन के दौरान शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, ब्यूटी पार्लर, सिनेमा हॉल, खेल सुविधाएं और स्पा बंद रहेंगे। हालांकि, बाजारों में हर दिन केवल पांच घंटे काम करने की अनुमति होगी। बाजार सुबह 7 बजे से 10 बजे और शाम 3 बजे से 5 बजे के बीच खुले रहेंगे।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के एक दिन बाद ममता बनर्जी सरकार ने राज्य में अनिश्चित काल के लिए आंशिक लॉकडाउन की घोषणा की है। कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बंगाल सरकार ने यह फैसला लिया है। लॉकडाउन के दौरान राज्य में सभी राजनीतिक और धार्मिक समारोहों के आयोजन पर रोक लगा दी है।

सरकार के आदेश के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान राज्य में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, ब्यूटी पार्लर, सिनेमा हॉल, खेल सुविधाएं और स्पा बंद रहेंगे। हालांकि, बाजारों में हर दिन केवल पांच घंटे काम करने की अनुमति होगी। बाजार सुबह 7 बजे से 10 बजे और शाम 3 बजे से 5 बजे के बीच खुले रहेंगे।

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राज्य सरकार ने कहा है कि रेस्तरां, बार, जिम और स्विमिंग पूल बंद रहेंगे, होम डिलीवरी और अन्य ऑनलाइन सेवाओं को कोविड प्रोटोकोल का पालन करते हुए खोलने की अनुमति होगी। वहीं, सभी सामाजिक, सांस्कृतिक, मनोरंजन और शैक्षणिक समारोहों पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा फार्मासिस्ट, मेडिकल उपकरण बेचने वाली दुकानें और किराना दुकानों को आंशिक लॉकडाउन से छूट दी गई है।

नोडल अधिकारी कोरोना मरीजों के शवों का अंतिम संस्कार

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने कोरोना मरीजों के शवों के अंतिम संस्कार के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। दरअसल, कोरोना मरीजों के अंतिम संस्कार में हो रही लापरवाही और परेशानी के मद्देनजर राज्य सरकार ने मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

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राज्य सचिवालय नबान्न से मिली जानकारी के मुताबिक, 466 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इनमें से कोलकाता सहित नगरनिगम इलाकों में 124 और ग्रामीण इलाकों में 342 अधिकारियों की तैनाती हुई है। राज्य सचिवालय की ओर से अधिकारियों का नाम और नंबर जारी किया गया है ताकि मरीजों के परिजनों को किसी तरह की समस्या ना हो।

सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि शववाही गाड़ी से लेकर अंतिम संस्कार तक में जो भी खर्च होगा वह सब कुछ राज्य सरकार वहन करेगी। मरीजों के पास केवल मृत्यु प्रमाण पत्र होना चाहिए। बता दें कि सरकार की ओर से यह प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

Anil Kumar
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