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West Bengal: यहां कोजागरी लक्ष्मी के रूप में कुतिया की पूजा…

यह परिवार पिछले 6 साल से कोजागरी लक्ष्मी पूजा के दिन देवी लक्ष्मी की प्रतिमा की जगह अपनी पालतू कुतिया 'मैगी' की पूजा करते आ रहा है।

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West Bengal: यहां कोजागरी लक्ष्मी के रूप में कुतिया की पूजा...

West Bengal: यहां कोजागरी लक्ष्मी के रूप में कुतिया की पूजा...

कोलकाता
कोजागरी लक्ष्मी पूजा के दिन देवी लक्ष्मी की प्रतिमा की जगह जीवित कुतिया को बैठा कर पूजा। सुनने में यह आपको अटपटा जरुर लगेगा, लेकिन सोलह आना सच है। जी हां कोलकाता से सटे साल्टलेक में रहने वाले एक परिवार ने रविवार को कोजागरी लक्ष्मी पूजा के अवसर पर घर में देवी लक्ष्मी की प्रतिमा की जगह जीवित कुतिया की विधिवत पूजा की। उसे मंगल तिलक लगाया और उसकी आरती उतारी। भोग में तरह-तरह की पकवान चढ़ाया और उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। पड़ोस के लोगों ने इसको लेकर काफी नाराजगी जताई, लेकिन दे परिवार पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

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6 साल से परिवार कर रहा है कुतिया की पूजा
साल्टलेक निवासी दे परिवार की और से लक्ष्मी पूजा के दिन देवी लक्ष्मी की प्रतिमा की जगह कुतिया की पूजा का यह पहला मौका नहीं है। यह परिवार पिछले 6 साल से कोजागरी लक्ष्मी पूजा के दिन देवी लक्ष्मी की प्रतिमा की जगह अपनी पालतू कुतिया 'मैगी' की पूजा पूजा करते आ रहा है। परिवार की मुखिया सुकन्या दे ने बताया कि पूजा वह पूरे विधि-विधान से करती है। केवल देवी लक्ष्मी की प्रतिमा की जगह अपनी मैगी को बैठाती है।

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कुतिया को देवी मानता है परिवार
सुकन्या दे कहती है कि मैगी को वह अपनी बेटी मानती है और बेटी लक्ष्मी का रूप होती हैं। ऐसे में उसे मैगी की पूजा करने में कोई बुराई नजर नहीं आती है। सुकन्या कहती है स्वामी विवेकानंद ने कहा है सभी जीव में ईश्वर का वास होता है। फिर मैगी में भी ईश्वर का वास है। सूत्रों के अनुसार 8 साल पहले सुकन्या बेंगलुरू गई थी। वहां से एक कुतिया को लाई थी।

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कौन क्या कहता है, हमें परवाह नहीं

सुकन्या कहती है कौन क्या कहता है, क्या सोंचता है, हमें उसकी परवाह नहीं है। हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।