
WHO और UNICEF ने बताया पोलियोमुक्त होने के बाद भी भारत में पोलियोरोधी अभियान रहेगा जारी
नई दिल्ली। भारत में पोलियो जैसा गंभीर बीमारी खत्म हो चुका है लेकिन इसके बावजूद आज भी पोलियो के खुराक बच्चों को दिए जा रहे हैं, ताकि किसी भी रूप में पोलियो फिर से भारत में अपना पैर न पसार सके। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ ने कहा कि साल 2018 में दो राष्ट्रीय स्तर के और एक उप-राष्ट्रीय स्तर का अभियान शुरू किया जा चुका है। सभी प्रकार के पोलियोवायरस के खिलाफ उच्च प्रतिरक्षा को बनाए रखने के प्रयासों के तौर पर भारत नियमित टीकाकरण के तहत देशभर में बच्चों को इनएक्टीवेटेड पोलियोवायरस वैक्सीन (आईपीवी) और बीओपीवी मुहैया कराता है। भारत मार्च 2014 में आधिकारिक तौर पर पोलियोमुक्त हो गया था, लेकिन इसके बावजूद भारत सभी तीन प्रकार के पोलियो विषाणुओं की रोकथाम को लेकर सतर्क है। वाइल्ड पोलियोवायरस के कारण देश में 13 जनवरी 2011 को पोलियो के अंतिम केस का पता चला था।
टाइप 2 पोलियो वायरस युक्त वैक्सीन को विश्वभर से हटाया गया
आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने एक बयान में कहा कि टाइप 2 पोलियो वायरस युक्त वैक्सीन को विश्वभर से धीरे-धीरे हटा लिया गया और भारत में इसे पोलियो एंड गेम स्ट्रेटेजी के तहत अप्रैल 2016 में हटाया गया। अन्य जगहों की तरह भारत में सभी पोलियो अभियानों और नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में ट्राइवेलेंट ओवर पोलियोवायरस वैक्सीन (टीओपीवी) का स्थान बाइवैलेंट ओरल पोलियोवायरस वैक्सीन (बीओपीवी) ने ले लिया। इंडिया एक्सपर्ट एडवाइजरी ग्रुप की सलाह के अनुसार, भारत का पोलियो के खिलाफ व्यापक टीकाकरण अभियान जारी है, और पोलियो के खिलाफ उच्च प्रतिरक्षा को बनाए रखने के लिए बीओपीवी का उपयोग किया जा रहा है।
हाल ही पाए गए थे टाइप-2 पोलियो वैक्सीन वायरस
आपको बता दें कि हाल ही में कुछ नालों और मल के नमूनों में टाइप-2 पोलियो वैक्सीन वायरस पाए गए थे। टाइप-2 वैक्सीन वायरस का पता लगाया जाना सुदृढ़ पोलियो निगरानी प्रणाली की सक्रियता को दर्शाता है, जिसका प्रबंधन संयुक्त रूप से स्वास्थ्य मंत्रालय, डब्ल्यूएचओ और साझीदारों द्वारा किया जाता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया और स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्रालय की एक टीम ने इस मामले की गहनता से जांच की। जांच से भारत में एक निर्माता द्वारा आपूर्ति की गई बीओपीवी की एक खेप में टाइप-2 पोलियो वैक्सीन वायरस के अंश पाए गए। भारत में यूनिवर्सल इम्युनाइजेन प्रोग्राम (यूआईपी) के तहत जिस तरह नियमित टीकाकरण कवरेज अधिक हो रहा है, उसे देखते हुए इस वैक्सीन के कारण भारत में बच्चों के पोलियो की चपेट मे आने की गुंजाइश न के बराबर है। यूआईपी के तहत सभी वैक्सीन सुरक्षित हैं। आपके बच्चे को पोलियो की सही और सुरक्षित खुराक मिली है, यह सुनिश्चित करना सिर्फ उसके संरक्षण के लिए ही जरूरी नहीं है बल्कि भारत को पोलियोमुक्त रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ ने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त रखने के प्रयासों में हर कदम पर वह सरकार के साथ हैं।
Updated on:
12 Oct 2018, 9:56 PM IST
Published on:
12 Oct 2018, 9:56 PM IST
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