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दुनिया भर में पूजे जाते हैं बापू, भारत ही नहीं विदेशों में भी हैं प्रतिमाएं

देश में तो आपने महात्मा गांधी की प्रतिमाएं बहुतायत देखी होंगी, आइए आपको बताते हैं कि विदेशी में वो कौन से 10 स्थान हैं जहां महात्मा गांधी की प्रतिमाएं या स्मारक निर्मित किए गए हैं

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Mahatma Gandhi

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नई दिल्ली। महात्मा गांधी न केवल ब्रिटिश उपनिवेशवाद से भारत की आजादी के लिए लड़े बल्कि दुनिया को सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाया। दुनिया भर के लोग गांधी को शांति का प्रतीक मानते हैं। दुनिया ने महात्मा गांधी को कई स्मारकों और प्रतिमाएं के माध्यम से पूजा है। सृष्टि के अंत तक शांति, मानवता और अहिंसा के प्रतीक के रूप में लोग उन्हें सम्मानित करते रहेंगे। देश में तो आपने महात्मा गांधी की प्रतिमाएं बहुतायत देखी होंगी, आइए आपको बताते हैं कि विदेशी में वो कौन से 10 स्थान हैं जहां महात्मा गांधी की प्रतिमाएं या स्मारक निर्मित किए गए हैं।

1. लेक श्राइन, कैलिफोर्निया, यूएसए

यह गांधी को समर्पित विश्व शांति स्मारक है। यह स्मारक 1950 में बनाया गया था। इसमें एक हजार साल पुराना चीनी सिरोफैगस रखा हुआ है जिसमें महात्मा गांधी की राख का एक हिस्सा पीतल और चांदी के छोटे से बक्से में रखा गया है।

2. टेविस्टक, लंदन

यह प्रतिमा मूर्तिकार फ्रेडा ब्रिलेंट द्वारा बनाई गई थी और 1968 में पूर्व ब्रिटिश प्रधान मंत्री हैरोल्ड विल्सन ने इसका अनावरण किया था। यह प्रतिमा अपनी भव्यता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।

3. कोपेनहेगन, डेनमार्क

भारत की पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने 1984 में डेनमार्क की यात्रा पर यह प्रतिमा डेनमार्क सरकार को समर्पित की थी।।

4. चर्च स्ट्रीट, पीटरमारित्जबर्ग, दक्षिण अफ्रीका

यह वह शहर है जहां एक बार महात्मा गांधी को 1893 में एक श्वेत अंग्रेज द्वारा ट्रेन से नीचे फेंक दिया था। इस घटना को गांधी की हृदय परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। बाद में इसी स्थान पर दक्षिण अफ्रीका के आर्कबिशप डेसमंड तुतु ने महात्मा गांधी की शानदार प्रतिमा का अनावरण किया।

5. प्लाजा सिसिलिया, अर्जेंटीना

भारत की आजादी के 15 वें वर्ष में भारत सरकार ने राम वंजी सुतार द्वारा बनाई गई गांधी प्रतिमा को अर्जेंटीना को उपहार में दे दिया था |

6. ग्लेब पार्क, कैनबरा, ऑस्ट्रेलिया

यहां गांधी की कांस्य प्रतिमा स्थापित है। कहा जाता है कि यह प्रतिमा इतनी जीवंत है कि वह उनके मार्गदर्शक सिद्धांतों की पहचान कराती है। इस प्रतिमा का सन्देश है कि- सिद्धांतों के बिना कोई राजनीति नहीं; नैतिकता के बिना कोई वाणिज्य नहीं; और मानवता के बिना कोई विज्ञान नहीं।

7. मेमोरियल गार्डन, जिंगा, युगांडा

1948 में, महात्मा गांधी की राख का हिस्सा युगांडा की जिंगा में नील नदी में भी प्रवाहित किया गया था। बाद में उस जगह समारक बना दिया गया।

8. पीस गार्डन, विएना, ऑस्ट्रिया

पीस गार्डन में कलाकार वर्नर होर्वथ ने शांति और अहिंसा के प्रति महात्मा गांधी की योगदान को दर्शाने के लिए गांधी की आयल पेंटिंग की थी।

9. एरियाना पार्क, जेनेवा, स्विट्ज़रलैंड

भारत और स्विट्ज़रलैंड के बीच पर हस्ताक्षरित 1948 की संधि की याद दिलाने के लिए भारत सरकार ने उस देश को संधि की 60 वीं वर्षगांठ पर गांधी प्रतिमा दी। इस मूर्ति में एक शिलालेख है जिस पर 'मा विए एस्ट मोन संदेश' लिखा गया है, जो अंगरेजी के 'माई लाइफ माई मेसेज' का फ्रेंच अनुवाद है।

10. संसद स्क्वायर, लंदन, इंग्लैंड

यह महात्मा गांधी की स्थापित सबसे नई प्रतिमा है। यह 14 मार्च, 2015 को लंदन में स्थापित की गई थी। इस प्रतिमा को कलाकार फिलिप जैक्सन ने बनाया था।तत्कालीन ब्रिटिश प्रधान मंत्री डेविड कैमरून, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, महात्मा गांधी के पोते और पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर गोपालकृष्ण गांधी और भारतीय अभिनेता अमिताभ बच्चन अनावरण समारोह में उपस्थित थे।