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11-वर्षीया कश्मीया का आईक्यू आइंस्टीन, हॉकिंग से भी ज्यादा

भारतवंशी छात्रा कश्मीया वाही ने मेनसा टेस्ट में सर्वोच्च अंक हासिल कर अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग के क्लब में शामिल हो गई हैं

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Sunil Sharma

Jan 11, 2016

Kashmia wahi tops mensa IQ

Kashmia wahi tops mensa IQ

लंदन। भारतवंशी छात्रा कश्मीया वाही ने मेनसा टेस्ट में सर्वोच्च अंक हासिल कर अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग के क्लब में शामिल हो गई हैं। 11 वर्षीय कश्मीया ने मेनसा टेस्ट में 162 में से 162 अंक हासिल कर यह उपलब्धि पाई।

इस उपलब्धि को हासिल करने वाली कश्मीया सबसे कम उम्र के बच्चों में शामिल हो गई है, क्योंकि इस परीक्षा में शामिल होने की न्यूनतम उम्र साढ़े दस साल है। बताया जाता है कि आइंस्टीन और हॉकिंग का आईक्यू स्तर 160 था। मुंबई में जन्मी कश्मीया ने मेनसा टेस्ट में मिली कामयाबी के बाद कहा कि वह अपने प्रदर्शन से खुश हैं।

उन्होंने कहा, आइंस्टीन और हॉकिंग की श्रेणी में शामिल होना गौरव की बात है। ऐसे किसी समूह का हिस्सा बनना मेरे जैसे किसी बच्चे के लिए बड़ी सफलताओं का रास्ता खोल सकता है। कश्मीया के पिता विकास वाही और उनकी मां पूजा वाही लंदन स्थित ड्यूश बैंक में काम करते हैं।

यह होता है मेनस टेस्ट

गौरतलब है कि कैटेल-3 बी मेनसा आईक्यू जांचने की अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। इसमें 150 सवाल पूछे जाते हैं। इस टेस्ट में वयस्कों को अधिकतम 161 अंक और 18 साल से कम उम्र के बच्चों को अधिकतम 162 अंक मिल सकते हैं।

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