script नासा की रिपोर्ट में दावा, भारत के इन 12 शहरों का वर्ष 2100 तक मिट जाएगा नामोनिशान | 12 cities of india may covered in sea water by 2100: Nasa report | Patrika News

नासा की रिपोर्ट में दावा, भारत के इन 12 शहरों का वर्ष 2100 तक मिट जाएगा नामोनिशान

locationनई दिल्लीPublished: Aug 11, 2021 09:28:42 pm

Submitted by:

Mohit Saxena

भारत के 12 शहर तीन फीट अंदर पानी में डूब जाएंगे। इस रिपोर्ट की मानें तो मैदानी इलाकों में भारी तबाही देखने को मिलेगी।

sea level
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वॉशिंगटन। अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) ने भारत की कुछ जगहों को लेकर चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है। उसकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आज से 80 वर्ष बाद यानी सन 2100 तक भारत के 12 शहर तीन फीट अंदर पानी में डूब जाएंगे। इस रिपोर्ट की मानें तो मैदानी इलाकों में भारी तबाही देखने को मिलेगी। इसका कारण ग्लोबल वॉर्मिंग (Global Warming) होगी। ये सब ध्रुवों पर जमी बर्फ के पिघलने से होगा।

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कई जगहें त्रासदी की होंगी शिकार

जिन जगहों पर यह त्रासदी होगी वे भारत के ओखा, मोरमुगाओ, भावनगर, मुंबई, मैंगलोर, चेन्नई, विशाखापट्टनम, तूतीकोरन कोच्चि, पारादीप और पश्चिमी बंगाल के किडरोपोर तटीय इलाके होंगे। नासा की रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल वॉर्मिंग के असर से बर्फ के पिघलने का असर ज्यादा दिखेगा। भविष्य में तटीय इलाकों में रह रहे लोगों को इसे छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना होगा।

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नासा रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल का किडरोपोर इलाका, जहां बीते वर्ष तक समुद्री जलस्तर के बढ़ने का कोई खतरा नहीं हो रहा है। वहां पर भी वर्ष 2100 तक आधा फीट पानी बढ़ने की आशंका है।

नासा ने बनाया सी लेवल प्रोजेक्शन टूल

गौरतलब है कि नासा ने एक सी लेवल लेवल प्रोजेक्शन टूल तैयार किया है। इससे समुद्री तटों पर आने वाली आपदा का समय से पहले पता चल जाता है। इससे वक्त रहते लोगों को निकालने में मदद मिलेगी। इस ऑनलाइन टूल की मदद से जलस्तर से जुड़ी आपदा को समय रहते पता लगाया जा सकता है।

मैदानी इलाकों में मचेगी तबाही
नासा की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2100 तक दुनिया का तापमान काफी तेजी से बढ़ जाएगा। इससे लोगों को भयानक गर्मी सहनी पड़ सकती है। कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण को नहीं रोका गया तो तापमान में औसतन 4.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। इससे दो दशक के अंदर तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ेगा। अगर यह तापमान बरकरार रहेगा तो ग्लेशियर भी पिघलेंगे। इससे इनका पानी मैदानी और समुद्री इलाकों में तबाही मचा देगा।
नासा के प्रबंधक बिल नेल्सन के अनुसार समुद्री जलस्तर के प्रोजेक्शन टूल दुनियाभर के नेताओं को यह बताने के लिए काफी है कि अगली सदी तक हमारे कई देशों की जमीन कम को सकती है। समुद्री जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ेगा कि उसे संभालना कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके कई उदाहरण हमारे सामने हैं। आज कई द्वीपों के नामोनिशान नहीं है।

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