
वाशिंगटन। पूरी दुनिया को जलवायु परिवर्तन से बड़ा खतरा बना हुआ है। अगर इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो 2050 तक दुनियाभर में 30 करोड़ लोग समुद्र में बह जाएंगे। आसियान सम्मेलन में शामिल होने बैंकॉक पहुंचे संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटरेस ने सोमवार को एक रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा भारत, चीन, जापान और बांग्लादेश जलवायु परिवर्तन से बढ़ते समुद्र स्तर के कारण सबसे असुरक्षित हैं।
गुटेरस ने चेतावनी देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन आज दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। इससे महासागरों का स्तर लगातार बढ़ रहा है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है। जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित एनजीओ क्लाइमेट सेंट्रल की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि महासागरों का स्तर अनुमान से अधिक तेजी से बढ़ रहा है।
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गुटरेस ने कहा कि यही हाल रहा तो पूरी दुनिया में 2050 तक 30 करोड़ लोग समुद्र में बह जाएंगे। इसमें सबसे अधिक खतरा दक्षिण एशियाई देशों के लिए है, जिनमें भारत समेत चीन, जापान और बांग्लादेश सबसे असुरक्षित हैं। वहीं थाईलैंड की 10 फीसदी आबादी के लिए यह खतरा है।
45 फीसदी कार्बन उत्सर्जन घटाना होगा
गुटेरस ने कहा कि रिपोर्ट के आंकड़े कुछ आगे पीछे हो सकते हैं,लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि जलवायु परिवर्तन बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि इस पर लगाम कसने और वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार सदी के अंत तक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री पर रोकने के लिए अगले एक दशक में कार्बन उत्सर्जन को 45 फीसदी तक घटाना होगा। इसके साथ 2050 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य पर लाना होगा।
Updated on:
05 Nov 2019 03:14 pm
Published on:
05 Nov 2019 09:55 am
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