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Howdy Modi: ट्रंप को जिन राज्यों में बढ़त की उम्मीद थी, वहां 75 प्रतिशत बाइडेन समर्थक

Highlights. भारत और अमरीका के बीच आपसी संबंध बीते ढाई दशक में मजबूत हुए हैं ट्रंप भारत के अच्छे दोस्त, बाइडेन भी चाहते हैं मजबूत रिश्ता बावजूद इसके ट्रंप और बाइडेन कश्मीर मुद्दे अलग-अलग राय रखते हैं

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Ashutosh Pathak

Nov 01, 2020

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नई दिल्ली।

पिछले ढाई दशक में भारत और अमरीका के बीच संबंध काफी मजबूत हुए हैं। इनमें व्यापार सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है, जो हाल ही अमरीकी विदेश मंत्री की भारत यात्रा के बाद और सुदृढ़ होंगे। मौजूदा राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भारत के स्वाभाविक मित्र हैं, तो डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन भी भारत के साथ मजबूत रिश्ता चाहते हैं। ये अलग बात है कि वह कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप से अलग राय रखते हैं।

ट्रंप भारत के ज्यादा करीब

भारत के नजरिए से देखें तो डॉनल्ड ट्रंप अन्य राष्ट्रपतियों के मुकाबले भारत के ज्यादा करीब हैं। पिछले वर्ष ह्यूस्टन में ‘हाउडी मोदी’ रैली के दौरान हजारों भारतवंशियों के समक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा किया। इसके बाद अहमदाबाद के क्रिकेट ग्राउंड में ‘नमस्ते ट्रंप’ से दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र और करीब आए गए। रक्षा और व्यापार के साथ ही आपसी रिश्तों का नया अध्याय लिखा गया। मोदी और ट्रंप दोनों को घरेलू राजनीति में बढ़त हासिल हुई।

कई मुद्दों पर किया भारत का समर्थन

अमरीका, ऑस्टे्रलिया और जापान जैसे पारंपरिक सहयोगियों के साथ ही भारत को भी चीन का एक मजबूत विरोधी मानता है। भारत के पास ट्रंप को पसंद करने की अपनी वजह हैं। पाकिस्तान और चरमपंथी ताकतों से निपटने में ट्रंप ने भारत का पुरजोर समर्थन किया। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद या नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पैदा हुए गतिरोध पर ट्रंप ने मोदी को सही ठहराया। ट्रंप की तरह मोदी भी उत्साही राष्ट्रवादी नेता हैं, जो कथित तौर पर खोई ्र्र्रसमृद्ध विरासत को पुन: बहाल करने और राजनीति वंशवाद को खत्म करने का वादा करते हैं।


पिछले चार राष्ट्रपतियों से संबंध मजबूत हुए

भारत के पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अरविंद गुप्ता का कहना है, दोनों ही पार्टी की सरकारों के पिछले चार अमरीकी राष्ट्रपतियों से संबंध काफी मजबूत रहे हैं। इसी हफ्ते हुए चार महत्वपूर्ण समझौतों से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और बढ़ेगा।

सर्वे में आया सामने

ह्यूस्टन रैली को विश्लेषकों ने ट्रंप के चुनाव अभियान को मोदी का समर्थन बताया था। ट्रंप को भी लगता था कि रैली के बाद कुछ खास अमरीकी राज्यों में भारतीय अमरीकी मतदाताओं को लुभाया जा सकेगा, लेकिन हाल के सर्वेक्षण में पता चलता है कि इन राज्यों में भारतीय अमरीकी मजबूती से डेमोक्रेटिक बने हुए हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक चार में तीन यानी 75 फीसदी लोगों ने जो बाइडेन के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

बाइडेन चाहते हैं मजबूत रिश्ते

उधर बाइडेन भारत-अमरीका संबंधों के उत्साही समर्थक रहे हैं। वर्ष २००६ में सीनेटर रहते हुए उन्होंने कहा था, मेरा सपना है 2020 में भारत-अमरीका दुनिया के दो सबसे करीबी देश कहलाएं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बाइडेन आते हैं तो रक्षा साझेदारी पर उतना ही ध्यान देेगे, लेकिन ट्रंप सरकार के दौरान उपेक्षित अन्य मुद्दों का नए सिरे से विश्लेषण करेंगे। इसमें जलवायु परिवर्तन से निपटने का प्रयास भी शामिल है, जो पिछले चार वर्ष से उच्च स्तरीय चर्चा से नदारद रहा।


कई मुद्दों पर ट्रंप से विपरीत राय

बाइडेन राष्ट्रपति बनते हैं तो मोदी सरकार को हिंदू राष्ट्रवादी झुकाव के लिए आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। बाइडेन और कमला हैरिस कश्मीर मुद्दे पर टं्रप से अलग दृष्टिकोण रखते हैं।