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कार में बैठी महिला से भीख मांगने पहुंचे बच्चे ने अचानक ऐसा क्या देखा कि उस महिला को दे दी अपनी दिनभर की कमाई

इस युग में मानवता के लिए यह एक सटीक प्रतिविम्ब है, जो एक इंसान के प्रति दूसरे इंसान के प्रति करुणा और दया को बखूबी दिखाता है

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Rahul Mishra

Nov 25, 2017

A child beggar gets adopted after crying

कुछ महीने पहले केन्या की सड़कों पर भीख मांगने वाले एक लड़के की ऐसी कहानी सामने आई थी जिसने दुनिया को हिला कर रख दिया था। यह एक ऐसे लड़की की कहानी थी जो केन्या की सड़कों पर भीख माँगा करता था लेकिन एक दिन अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने उसे हीरो बना दिया। दरअसल रोजाना की तरह उस दिन भी जब लड़का जब भीख के लिए नजदीक ही कड़ी एक कार के पास गया और जब जब उसने कार की अगली सीट पर बैठे एक इंसान की हालत देखी तो उसकी सहानुभूति में अनियंत्रित होकर रोने लगा। उस बच्चे की भावनात्मक तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।

यह था मामला-
यह मामला अफ़्रीकी देश केन्या के नैरोबी का है, जहां एक भिखारी बच्चा ट्रैफिक सिग्नल के समीप रुकने वाली गाड़ियों में बैठे लोगों से भीख मांगता था। इस दिन भी जब एक कर में बैठे लोगों के समीप भीख मांगने पहुंचा तब उसने देखा कि गाडी की अगली सीट पर ड्राइवर सीट के बगल में एक महिला बैठी हुई दिखी, जिसके चेहरे पर ऑक्सीजन मास्क और शरीर में अन्य उपकरण लगे हुए थे। उसने जब महिला के बारे के बारे में पूछा और उसके बाद उसकी भावनाएं अनियंत्रित हो गईं और आंखों से आंसू निकल आये।

इस भीख मांगने वाले लड़के का नाम है लिटल जॉन थुओ, और उस कार में सवार महिला का नाम था ग्लैडिस कमेन्डे। जॉन की भावनाओं ने उसे रोने को मजबूर कर दिया, उसे यह एहसास हुआ कि हालांकि सड़कों पर उसका जीवन बेहद कठिन है लेकिन ग्लेडिस की स्थिति उस समय उससे भी बदतर थी। जिसके बाद उसने अपने हाथ उठाए और भगवान से महिला की मदद के लिए गुहार लगाने लगा। यह क्षण बेहद भावुक थे, जिन्हें लोगों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया था।

ग्लैडिस ने एक स्थानीय मीडिया को बताया कि मैं पिछले काफी समय से बीमार चल रही हूँ और मुझे सर्जरी की आवस्यकता है, जिसके लिए मेरे कुछ दोस्त कार में बिठा कर सड़कों पर लोगों से मदद मांगने निकले थे, ताकि मेरी सर्जरी के लिए पैसे जुटाए जा सकें। लेकिन तभी यह लड़का हमारी कार के पास आया और हमसे पैसे मांगने लगा।

बुरी तरह से रोते हुए जॉन ने उस वक्त तक भीख से जुटाए गए 100 शिलिंग्स को ग्लेडिस के फेफड़ों के पुनर्निर्माण सर्जरी के लिए दान में दे दिए। 32 साल की ग्लेडिस के फेफड़े बेकार हो चुके हैं, जिसके कारण उन्हें हमेशा ऑक्सीजन सिलिंडर को अपने साथ रखना पड़ता है। ग्लैडिस की अब तक 12 सर्जरी हो चुकी हैं लेकिन एक सर्जरी ने उनकी आखों की रौशनी को छीन लिया था जिसके बाद वो अंधी हो गई थीं।

इस घटना के बाद जॉन, ग्लेडिस के पास से नहीं गया और उसने ड्रग की उस बोतल को भी फेंक दिया, जिसका इस्तेमाल वो ड्रग लेने में करता था। इसके बाद उस महिला ने ग्लेडिस की जिम्मेदारी ली और उसे संभालने के लिए चिल्ड्रेन्स होम के पास भेज दिया। महिला ने वादा किया कि जब वो स्वस्थ हो जाएंगीं तो उसके पास जरूर आएंगी।

स्वस्थ हुई महिला, बच्चे को लिया गोद-
जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो कई ऐसे उदार दाता सामने आये जिन्होंने ग्लैडिस की मदद के लिए 3 मिलियन शिलिंग्स जुटाए। ग्लेडिस की सर्जरी अब हो चुकी हैं और वो अब पहले से स्वस्थ हैं, उन्होंने जॉन को गोद भी ले लिया है। अब खबर यह आई है कि जिस स्कूल में इस बच्चे को पढाई के लिए दाखिला दिलाया गया था, उसी स्कूल में इस बच्चे ने अपनी कक्षा में सर्वश्रेष्ठ अंक लाकर टॉप किया है। इसके बाद उसकी मां जिसने उसे गोद लिया था वो ख़ुशी से फूली नहीं समा रही हैं। उन्हें आज इस बच्चे पर गर्व है।

देखा जाए तो आज के इस युग में मानवता के लिए यह एक सटीक प्रतिविम्ब है, जो एक इंसान के प्रति दूसरे इंसान के प्रति करुणा और दया को बखूबी दिखाता है। इससे हमें एक सीख जरूर मिलती है कि एक इंसान होने के नाते हमें दूसरे इंसान की मदद जरूर करनी चाहिए, चाहे वो मदद छोटी ही क्यों न हो लेकिन हो जरूर!