
ढाका। बांग्लादेश के संस्थापक एवं स्वतंत्रता सेनानी बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की हत्या के दोषियों में से एक अब्दुल माजिद को ढाका की सेंट्रल में फांसी दे दी गई। 1975 में उनकी हत्या में माजिद मुख्य आरोपी था। जेलर महबूबुल आलम के मुताबिक पूर्व सैन्य अधिकारी माजिद को रविवार सुबह 12:01 बजे फांसी दी गई।
माजिद के पार्थिव शरीर को आज दफन किया जाएगा। शुक्रवार को, परिवार के चार सदस्यों को उनसे मिले की इजाजत दी गई थी। राष्ट्रपति अब्दुल हमीद द्वारा बुधवार को दया याचिका ठुकराए जाने के बाद माजिद की मौत की सजा को चार दिनों के भीतर ही अंजाम दे दिया गया। गौरतलब है कि बीते 22 साल से माजिद भारत में छुपे हुए थे। माजिद को बीते मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। शेख मुजीबुर की हत्या के पांच और साजिशकर्ता अभी भी छुपे हुए हैं। माजिद ने बांग्लादेश पुलिस के सामने खुलासा किया था कि वो करीब 22 साल से पश्चिम बंगाल के कोलकाता में रह रहा था। माजिद ने पुलिस को बताया कि वह पिछले महीने कोलकाता से बांग्लादेश लौटा था।
कौन हैं शेख मुजीबुर रहमान
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना बांग्लादेश के राष्ट्रपिता 'बंगबंधु' शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हैं। मुजीबुर रहमान अवामी लीग के अध्यक्ष थे। इन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र संग्राम की अगुवाई करते हुए बांग्लादेश को मुक्ति दिलाई थी। वह बाद में बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति बने। शेख मुजीबुर रहमान और उनके अधिकतर परिजनों की 15 अगस्त 1975 को हत्या कर दी गई थी। हत्या के दोषी पाए जाने पर 12 पूर्व सैन्य अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई गई। दोषियों में से पांच को 2010 में फांसी दे दी गई थी। वहीं एक की प्राकृतिक कारणों से मौत हो गई थी।
Updated on:
12 Apr 2020 03:01 pm
Published on:
12 Apr 2020 10:13 am
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