
नई दिल्ली। केमिकल हमले के विरोध में अमरीका सहित फ्रांस और ब्रिटेन ने बीते शनिवार को मिसाइल हमला किया। इस हमले में सीरिया के कई स्थानों पर बम और गोले बरसाए गए। वहीं, अब अमरीका ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि वह जल्द से जल्द सीरिया से अपने सैनिकों को वापस बुला लें।
फ्रांस ने ट्रंप को सैनिक ना बुलाने के लिए मनाया था
अमरीका का यह बयान आने से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को सीरिया से अपने सैनिकों को वापस न बुलाने पर राज़ी किया था। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अमरीका को इस बात के लिए भी राजी कर लिया था कि सीरिया में जो भी हमले होंगे उन्हें इन ठिकानों तक सीमित रखा जाए।
लेकिन अब व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सेरा सेंडर्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सीरिया से अमरीकी सैनिकों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाएगा। इसके साथ सेरा सेंडर्स ने यह भी साफ करते हुए बताया कि सीरिया में अमरीकी मिशन में कोई बदलाव नहीं आएगा।
पहले ही की थी सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में ही राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा कर दी थी कि अमरीका बहुत जल्द सीरिया से सैनिकों की वापसी करने वाला है। लेकिन सैनिकों की वापसी से पहले ही बीते शनिवार अमरीका ने ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर रासायनिक हमले के जबाव में सीरिया पर मिसाइल हमले कर दिए।
रूसी कंपनियों पर लगेगा प्रतिबंध
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद से रूस के संबंध कितने अच्छे हैं यह सभी जानते हैं। इसके विरोध में अब अमरीका रूस की कंपनियों पर और प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए अमरीकी राजदूत निक्की हैली ने कहा, 'अमरीका रूस की कंपनियों पर किस तरह के प्रतिबंध लगाएगा इसका पता सोमवार चलेगा।'
वहीं, निक्की ने उन ख़बरों से भी सरासर गलत बताया जिनमें कहा जा रहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप की सीरिया से अमरीकी सैनिकों को छह महीने के भीतर वापस बुलाने की योजना है।
Published on:
16 Apr 2018 09:09 am
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