अमरीका ने पाकिस्तान में पल रहे सरगना को वैश्विक आतंकी घोषित किया, कई बड़े हमलों को दे चुका है अंजाम

अमरीका ने पाकिस्तान में पल रहे सरगना को वैश्विक आतंकी घोषित किया, कई बड़े हमलों को दे चुका है अंजाम

  • जून 2018 में पूर्व टीटीपी नेता मुल्ला फजलुल्लाह की मृत्यु के बाद आतंकी संगठन का नेता घोषित हुआ नूर वली
  • इस आतंकी के नेतृत्व में टीटीपी ने पाकिस्तान में कई घातक आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया

वाशिंगटन। अमरीका ने मंगलवार को पाकिस्तान स्थित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के सरगना को वैश्विक आतंकवादी के रूप में घोषित किया। पाकिस्तान तालिबान के रूप में जाना जाने वाला संगठन टीटीपी के रूप में भी जाना जाता है। यह आतंकी समूह कई आत्मघाती विस्फोटों और सैकड़ों नागरिकों को मारने के लिए जिम्मेदार है।

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नूर वली को महसूद के नाम से जाना जाता है। जून 2018 में पूर्व टीटीपी नेता मुल्ला फजलुल्लाह की मृत्यु के बाद टीटीपी का नेता घोषित किया गया था। टीटीपी को पहले अमरीकी राज्य विभाग द्वारा विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी संगठन (एसडीजीटी) के रूप में नामित किया गया था।

एक बयान में अमरीकी विदेश विभाग के अनुसार नूर वली के नेतृत्व में,टीटीपी ने पाकिस्तान में कई घातक आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया। राज्य विभाग द्वारा यह निर्णय आतंकवादी समूह के हमलों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के लिए संसाधनों पर पाबंदी लगाने के लिए लिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, टीपीपी अल-कायदा से जुड़ा है। अल-कायदा एक खूंखार आतंकी संगठन है। यह संगठन हमले की तैयारी और अन्य गतिविधियों को बनाए रखने के लिए अलकायदा का सहयोग करता है। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है। उस पर लगातार विश्व समुदाय द्वारा आतंकवादी समूहों को वित्त पोषण करने का आरोप लगता रहा है। पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) जैसे आतंकवादी समूहों के प्रति अपने झुकाव के लिए एफएटीएफ रडार पर है।

एफएटीएफ ने अक्टूबर तक पाकिस्तान को आतंकी वित्तपोषण पर अंकुश लगाने पर तेजी से काम करने को कहा है। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो उसे एफएटीएफ द्वारा ब्लैकलिस्ट होने का खतरा है। इससे स्थिर अर्थव्यवस्था के लिए समस्याएं बढ़ सकती हैं। अमरीका द्वारा की गई वर्तमान कार्रवाई के चलते एफएटीएफ के सामने इस्लामाबाद की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

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