चीनी विदेश मंत्रालय ( Chinese Foreign Ministry ) की प्रवक्ता हुआ चुनइंग ने एक पत्रकार वार्ता में दी जानकारी। सीनेटर ( US Senator ), राजदूत ( US ambassador to china ), प्रतिनिधि और पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति उम्मीदवार पर प्रतिबंध। चीन ने कहा- Xinjiang को लेकर अमरीका ( US-China relations ) ने की है आंतरिक मामलों में दखलंदाजी।
बीजिंग। चीन ने बड़ा कदम उठाते हुए चार अमरीकी व्यक्तियों और संस्थानों पर पाबंदी लगाते हुए दोनों के रिश्तों ( US-China relations ) को गर्म हवा दे दी है। चीन सरकार ने अमरीका ( US govt ) की कांग्रेस-प्रशासनिक विभाग चीन समिति और अमरीकी विदेश मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अमरीकी राजदूत ( US ambassador to china ) सैम ब्राउनबैक, सीनेटर ( US Senator ) मार्को एंटोनियो रुबियो, टेड क्रूज और प्रतिनिधि सदन के सदस्य क्रिस स्मिथ पर प्रतिबंध लगाया है। चीनी विदेश मंत्रालय ( Chinese Foreign Ministry ) की प्रवक्ता हुआ चुनइंग ने एक प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।
चीन ने यह कदम बीते 9 जुलाई को अमरीकी विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा अलग-अलग तौर पर अमरीकी घरेलू कानून के मुताबिक चीन की शिनजियांग सरकार की एक संस्था और चार अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने के बाद उठाया है। इस पर चीन ने कहा था कि चीन शिनजियांग मुद्दे पर खराब प्रदर्शन करने वाले अमरीकी संस्थानों और व्यक्तियों के खिलाफ कदम उठाएगा।
हुआ चुनइंग ने पत्रकार वार्ता में कहा कि अमरीका की इन कार्रवाइयों ने चीन के आंतरिक मामलों में गंभीर दखलंदाजी की है। उन्होंने आगे कहा कि इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मापदंडों का गंभीर उल्लंघन किया है और चीन अमरीका संबंध को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। चीन इस कार्रवाई का का कड़ा विरोध जताते हुए कड़ी निंदा करता है।
हुआ चुनइंग ने इस बात पर जोर दिया कि शिनजियांग मामला एकदम चीन का आंतरिक मामला है। अमरीका को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। हुआ ने कहा कि प्रतिबंध सोमवार से प्रभावी होंगे लेकिन इस पर कोई और ब्योरा नहीं देंगे कि वे क्या कर सकते हैं।
चीनी ( Chinese ) अधिकारियों के खिलाफ वाशिंगटन के प्रतिबंधों में सभी अमरीकी संपत्तियों को रोकने और अमरीकी नागरिकों को उनके साथ व्यापार करने से रोकना शामिल है। अमरीका द्वारा स्वीकृत किसी को भी वीजा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को अमरीका में प्रवेश करने से रोका जा सकता है।
चीन का पश्चिमी शिनजियांग ( Xinjiang ) क्षेत्र एक बड़ी तुर्क अल्पसंख्यक आबादी के साथ सांस्कृतिक और जातीय रूप से देश के बाकी हिस्सों से काफी अलग है। इसके वर्षों से बीजिंग में सरकार के साथ असहज संबंध रहे हैं।
अमरीकी विदेश विभाग का अनुमान है कि 2015 के बाद से बीजिंग द्वारा करीब 20 लाख मुस्लिम-बहुसंख्यक उइगर ( Xinjiang Uyghur Autonomous ) और अन्य तुर्क अल्पसंख्यकों को शिनजियांग में बने पुनर्शिक्षा शिविरों में कैद किया गया है। इसके अलावा ऐतिहासिक उइगर ( Uyghur Muslim majority ) कब्रिस्तानों को ध्वस्त करने की भी खबरें आई थीं।
गुरुवार को अमरीकी सरकार ने घोषणा की कि शिनजियांग कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख चेन क्वांगो और कई अन्य स्थानीय पार्टी के अधिकारियों को शिनजियांग सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो के साथ मंजूरी दे दी जाएगी। गुरुवार को अमरीका के सचिव माइक पॉम्पियो ने एक बयान में कहा, "चीन (कम्युनिस्ट पार्टी) शिनजियांग में उइगर, जातीय कजाकों और अन्य अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों को निशाना बनाते हुए मानवाधिकारों के हनन के मामले में अमरीका के सामने पूरी तरह से खड़ा नहीं होगा।"