4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देखें Coronavirus से संक्रमित फेफड़ों की पहली 3D इमेज, अटैक के बाद रोक देता है इंसान की सांसे

- वैश्विक महामारी काेरोना वायरस ( Coronavirus ) अब तक 4300 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। - रेडियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका ( RSNA ) ने कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के फेफड़े की 3D तस्वीर जारी की है - दुनियाभर के वैज्ञानिक व डाॅक्टर्स इसके वैक्सिन ( Coronavirus Vaccine ) बनाने में जुटे हुए है

2 min read
Google source verification
coronavirus 3d image.jpe

कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के फेफड़े की 3D तस्वीर

वैश्विक महामारी काेरोना वायरस ( coronavirus ) अब तक 4300 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। वहीं, लाखों लोग इस जानलेवा वायरस की चपेट में आ चुके है। दुनियाभर के वैज्ञानिक व डाॅक्टर्स इसके वैक्सिन ( Coronavirus Vaccine ) बनाने में जुटे हुए है। इसी बीच रेडियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका ( RSNA ) ने कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के फेफड़े की 3D तस्वीर जारी की है।

सफेद धब्बों में डरावनी हकीकत

चीन में काेरोना वायरस से संक्रमित एक मरीज का एक्स-रे किया गया। जिसके बाद जो तस्वीरें सामने आई, वह बेहद ही डरावनी है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कोरोना वायरस की वजह से मरीज के फेफड़ों में बलगम जम गया है। इस कारण व्यक्ति को सांस में लेने में दिक्कत होती है। तस्वीरों में सफेद धब्बे कोरोना वायरस से प्रभावित है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी की गाइडलाइन, किस तरह से अपना बचाव करें

फेफड़ों पर अटैक कर रोकता है सांस

कोरोना वायरस मानव शरीर में सबसे पहले फेफड़ों पर ही अटैक करता है। जिसमें यह वायरस धीर-धीरे फेफड़ों को कमजोर करता है। डाॅक्टरों की भाषा में सफेद धब्बों को ग्लास ओपेसिटी कहते है। कोरोना की वजह से फेफड़े में जिस जगह हवा होनी चाहिए, वहां पर यह अटैक करता है और बलगम बना शुरू कर देता है। जिस कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। इस 3D इमेज के बाद एक्स-रे और सीटी स्कैन के जरिए ऐसे मरीजों की पहचान जल्द हो सकेगी। जिससे डाॅक्टरों को इलाज करने में आसानी होगी।

कोरोना वायरस के डर से डोनाल्ड ट्रंप ने नहीं मिलाया हाथ, नमस्ते कर किया अभिवादन

सार्स जैसे ही लक्षण

2002 में फैले सार्स की वजह 8000 लोग संक्रमित हुए थे। इसकी वजह से 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। कोरोना वायरस और सार्स दोनों का एक्स-रे और सीटी स्कैन एक जैसा है। सार्स की तरह ही काेरोना वायरस से संक्रमित लोगों के फेफड़ों में भी सफेद और गाढ़े धब्बे पाए गए है।