9 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फ्रांस से रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने पा​किस्तान को लगाई फटकार, कहा-संयम का इम्तिहान न ले

फ्रांस में रक्षामंत्री ने कहा कि अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो भारत को कड़े कदम उठाने होंगे

2 min read
Google source verification
france

फ्रांस से रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने पा​किस्तान को लगाई फटकार, कहा-संयम का इम्तिहान न ले

पेरिस। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीमा पर आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को फटकार लगाई है। उन्होंने फ्रांस में पड़ोसी देश पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह लगातार विश्वासघात कर रहा है और हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहा है। आतंकवाद को खुद वहां की सरकार शह दे रही है। उन्होंने कहा अभी तक भारत ने इससे निपटने में काफी संयम दिखाया है, मगर इस संयम की भी एक सीमा होती है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो भारत को कड़े कदम उठाने होंगे।

तुर्की ने अमरीकी पादरी ब्रूनसन को रिहा किया, ट्रंप से व्हाइट हाउस में मिलेंगे

आतंकी गतिविधियों को रोकने की जरूरत

रक्षा मंत्री ने ‘इंस्टिट्यूट ऑफ स्ट्रैटजिक रिसर्च’ को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकी समूहों के वित्त पोषण और हथियारों की आपूर्ति को रोकने के लिए पुख्ता कोशिशे की जा रही हैं। विदेशी आतंकियों की भर्ती एवं उन्हें सक्रिय करने की प्रक्रिया को रोकने की जरूरत है। सीतारमण भारत-फ्रांस के सामरिक संबंधों को और बढ़ावा देने के मकसद से तीन दिन के दौरे पर हैं।

भारत के धैर्य की परीक्षा ले रहा पाकिस्तान

भारत के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई एक विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने भारत के ठीक पड़ोस में आतंकी ढांचे की मौजूदगी और उसे सरकार से लगातार मिल रही मदद का जिक्र करते हुए कहा कि वे भारत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। भारत में अस्थिरता को फैलाने वाले तत्वों के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए। भारत के साथ पूरी दुनिया को इस खतरे को पनपने नहीं देना चाहिए। भारत पूरी जिम्मेदारी के साथ इससे पार पाने की कोशिश में जुटा हुआ है।

भारत के साथ कई और देश भी परेशान

रक्षामंत्री ने कहा कि आतंकवाद जिसे अब तक भारत के लिए ही चुनौती समझा जाता था अब पूरे विश्व के लिए खतरा बन गया है। भारत के साथ अफगानिस्तान में आतंकवाद बढ़ता जा रहा है। इसके कारण सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है। रक्षा मंत्री ने भारत-फ्रांस के रक्षा संबंधों पर बात करते हुए,दो विश्वयुद्धों में लड़ने वाले और फ्रांस की जमीं पर शहीद होने वाले 9,300 भारतीय सैनिकों के बलिदान का उल्लेख किया।