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भारत ही नहीं, इन देशों का चुनाव भी बदल सकता है दुनिया की तस्वीर

भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में हो रहा है चुनाव लम्बे समय के बाद बना यह अजीब संयोग तीन महीने के दौर में एक तिहाई दुनिया ने किया अपने भाग्य का फैसला

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world elections 2019

नई दिल्ली। भारत में इस समय चुनाव चल रहे हैं। देश में इन दिनों बढ़ती गर्मी के साथ सियासी पारा भी चरम पर है। भारत में लगभग 2 महीने से लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया जारी है। दिलचस्प बात यह है कि इस समय केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में भी चुनाव हो रहे हैं। आपको यह जानकर हैरत होगी कि इस समय दुनिया भर की करीब एक तिहाई आबादी चुनाव के दौर से गुजर रही है। इन देशों में कई ऐसे देश हैं जिनका चुनाव परिणाम दुनिया के मिजाज पर गहरा असर डालेगा। आइए, नजर डालते हैं कि दुनिया के किन देशों में चुनावी माहौल अपने चरम पर है और इनके परिणाम का कितना असर होगा !

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भारत के साथ खड़ी है दुनिया

भारत में अब तक चुनाव के पांच चरण पूरे हो चुके हैं। इसी दौरान दुनिया के 1 तिहाई देशों में भी चुनाव हुए। जिसमें दुनिया के करीब 27 % लोगों ने हिस्सा लिया। भारत के चुनावों के बीच कई ऐसे देश भी रहे जिनके चुनाव परिणाम ने अभूतपूर्व असर डाला। एक तरफ जहां नाइजीरिया में हुए चुनाव सबसे महंगे चुनाव रहे तो वहीं यूरोपीय देश यूक्रेन में जनता ने एक कॉमेडियन को देश का राष्ट्रपति बना दिया। इंडोनेशिया में हुए चुनाव में जहां 300 कर्मचारियों की काम के अधिक दबाव के कारण मौत हुई, वहीं पहली बार इस मुस्लिम बहुल देश में जनता ने राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति के साथ-साथ हाऊस के लिए मतदान किया।

वो देश जहां हुए चुनाव

- रूसी प्रभाव के मुक्त होने के बाद यूक्रेन के चुनाव पर पूरी दुनिया की नजर थी। इस चुनाव में कॉमेडियन व्लादिमिर जेलंस्की ने दिग्गज नेता और पूर्व राष्ट्रपति पोरोशेंको को पराजित किया। इस जीत को जेलंस्की के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है। अब यूक्रेन के राष्ट्रपति के रूप में जेलंस्की के लिए कई चुनौतियां हैं। रूसी गणराज्य के एक और पूर्व देश एस्टोनिया में ऑनलाइन मतदान हुआ और ऐसा करनेवाला यह दुनिया का पहला देश भी बन गया। वहीं इजराइल में बेंजामिन नेतन्याहू ने सत्ता में वापसी की जबकि स्पेन के चुनाव के बाद पेड्रो सांचेज ने देश के पीएम के रूप में वापसी की।

- नाइजीरिया में इस साल हुए चुनाव देश के इतिहास के सबसे महंगे चुनाव रहे। इस बार चुनावों पर 1।5 बिलियन डॉलर के करीब रकम खर्च हुई। कम मतदान की वजह से निवर्तमान राष्ट्रपति मोहम्मदो बुहारी आसानी से सत्ता में वापसी करने में सफल रहे। वहीं इंडोनेशिया में हुए चुनाव भी बेहद ऐतिहासिक रहे। पहली बार यहाँ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों पदों के लिए सीधा चुनाव हुआ। लेकिन 17 अप्रैल को हुए मतदान के बाद यहां 300 से अधिक चुनाव कर्मचारियों की मौत हो गई। इजराइल के चुनाव में पीएम बेंजामिन नेतान्यहू ने सत्ता में वापसी की।

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- दक्षिण अफ्रीका में सत्तारूढ़ अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) को बड़ी राहत मिली है। पार्टी ने 57।51 प्रतिशत वोट हासिल कर देश के आम चुनाव में जीत दर्ज की है। शनिवार देर शाम आए नतीजों के मुताबिक विपक्षी डेमोक्रेटिक अलायंस (डीए) 20।76 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा जबकि इकोनॉमिक फ्रीडम फाइटर्स (ईएफएफ) ने 10।79 प्रतिशत वोट हासिल किए। स्वर्गीय नेल्सन मंडेला के बाद यह अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस का सबसे खराब चुनावी प्रदर्शन था। जबकि मालदीव में हुए चुनाव में मोहम्मद नौशीद की पार्टी को बेहद जोरदार सलफता मिली।

12 मई तक यहां हुए चुनाव

23 फरवरी: नाइजीरिया
03 मार्च : एस्टोनिया
10 मार्च : उत्तर कोरिया
24 मार्च : थाइलैंड
31 मार्च: यूक्रेन
6 अप्रैल: मालदीव
9 अप्रैल: इजरायल
17 अप्रैल: इंडोनेशिया
28 अप्रैल : स्पेन
8 मई : साउथ अफ्रीका

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