
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्वागत करते पीएम मोदी।
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (donald trump) भारत पहुंच गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi) ने गुजरात के अहमदाबाद में उनका स्वागत किया। मोटेरा स्टेडियम सजधज के तैयार है।इन सबके बीच दोनों देशों के बीच पांच डील पर सबकी नजरें टिकीं हैं। यह डील दोनों देशों के संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करेंगी। इनमें घरेलू सुरक्षा, बौद्धिक संपदा कानून, सिविल न्यूक्लियर डील के तहत रिएक्टर समझौता, रक्षा सौदा और सीमित ट्रेड डील शामिल है। हालांकि ट्रंप यात्रा से पहले ही कह चुके है कि भारत के साथ कोई बड़ा समझौता वह अभी नहीं करने वाले हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रक्ता रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने बीते दिनों कहा था कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आपसी संबंध बढ़ाने और H-1 B वीजा के मु्द्दे भी उठेंगे। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने वीजा नियम कड़े कर दिए हैं। इसके बाद से भारतीय युवाओं का अमरीका ड्रीम आसान नहीं रह गया है। 36 घंटे के दौरे में ट्रंप दिल्ली आएंगे जहां द्विपक्षी मुद्दों पर बात होगी।
सामरिक मुद्दे हावी रहने के आसार हैं। पीएम मोदी भारत का पक्ष मजबूती से रखेंगे। वहीं डोनाल्ड ट्रंप भारतीय पीएम से अमरीकी सामान पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की बात कह सकते हैं। इसके अलावा सबसे बड़ा रक्षा सौदा भी हो सकता है। अमरीका लगातार भारत से कहता आया है कि रूस के बजाय उससे आधुनिक हथियार लेने की डील हो। मगर अभी तक इस मामले में अमरीका को कामयाबी हाथ नहीं लगी है। ट्रंप को पता है कि भारत हथियारों का बड़ा खरीदार है और रूस इस मामले में लीड ले सकता है। खास तौर पर S-400 मिसाइल समझौता रूस से होने के बाद ट्रंप बेचैन हो गए थे। हालांकि बाद में अमरीका के साथ भी एयर डिफेंस डील हुई है।
बड़ी डिफेंस डील की तैयारी
ट्रंप के दौरे से ठीक पहले ही ऐलान हो चुका है कि 24 MH-60 रोमियो हेलिकॉप्टर और छह AH-64E APACHE हेलिकॉप्टर का सौदा मंजूर हो गया है। यह ट्रंप के राहत की खबर है। इसके साथ ट्रंप रक्षा सौदे का दायरा बढ़ाने की सोच रहे हैं। दोनों देशों के बीच 2008 में हुए ऐतिहासिक सिविल न्यूक्लियर समझौते के बाद इस क्षेत्र में और सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। रवीश कुमार के अनुसार वेस्टिंगहाउस और न्यूक्लियर पॉवर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCIL) एकसाथ आंध्र प्रदेश के कोव्वादा में 1100 मेगावाट के छह रिएक्टर बनाने की बात कर रहे हैं।
दोनों देश स्पेस टेक्नोलॉजी पर भी बातचीत करेंगे। भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो ने अमरीका के 209 सैटेलाइट प्रक्षेपित किए हैं। इसरो और अमरीकी स्पेस एजेंसी नासा मिलकर माइक्रोवेव रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट बना रहे हैं। इसमें एल बैंड और एस बैंड के रडार होंगे। नासा एल बैंड पर काम करेगा और इसरो एस बैंड बनाएगी। ये दुनिया का पहला दो बैंड वाला सैटेलाइट है।
Updated on:
24 Feb 2020 12:42 pm
Published on:
24 Feb 2020 08:27 am
बड़ी खबरें
View Allविश्व की अन्य खबरें
विदेश
ट्रेंडिंग
