
रियाद। दुनियाभर में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन की स्थिति है। इसके कारण कई देशों की अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है। सऊदी अरब की अध्यक्षता में हो रही G-20 देशों की वर्चुअल बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। संक्रमण से निपटने और अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान में मदद के लिए 5 ट्रिलियन डॉलर लगाने का फैसला किया गया है।
दुनिया के 19 देशों और यूरोपीय संघ के नेताओं की यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। जिसमें भारत से पीएम मोदी ने भी हिस्सा लिया। अब तक दुनिया में कोरोना वायरस के कारण 24 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
अर्थव्यवस्था में सुधार की कोशिश
इस बैठक के दौरान नेताओं ने कहा कि विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाएं कोरोना वायरस की महामारी से उबरने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य, समाज और अर्थव्यवस्था पर होने वाले इसके असर से निपटना प्राथमिकता होगी।
किसी पर आरोप मढ़ने की कोशिश नहीं
इस दौरान नेता हेल्थ और महामारी के फैलने से जुड़े डेटा को शेयर करेंगे। इससे दुनियाभर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सकेगा। मेडिकल सप्लाई और उत्पादन की क्षमता को बढ़ाया जा सके। वायरस कहां से पैदा हुआ, इसे लेकर कोई चर्चा नहीं की गई। इस बात पर खास चर्चा की गई कि मौजूदा आपदा से किस तरह से निपटा जाए। वायरस के फैलने के लिए किसी पर आरोप मढ़ने की कोई कोशिश नहीं की गई। गौरतलब है कि चीन को इस बात के लिए आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है कि यह घातक वायरस उसकी जमीन से आया है।
24 हजार से ज्यादा की मौत
यह वर्चुअल बैठक बीते हफ्ते सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पीएम मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद हो रही है। पूरी दुनिया में अब तक पांच लाख से अधिक इस घातक वायरस की चपेट में आ चुके हैं। वहीं 24 हजार से अधिक मौतें हो चुकी है। सबसे ज्यादा खराब हालात इटली के हैं। यहां पर मरने वालों की संख्या चीन से भी कहीं ज्यादा 8 हजार के पार हो गई है।
Updated on:
27 Mar 2020, 9:20 AM IST
Published on:
27 Mar 2020, 9:10 AM IST
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