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जर्मनी: कोर्ट ने स्कूल में हिजाब पहनने पर लगा प्रतिबंध हटाया, देश में बुर्का पहनने पर छिड़ी बहस

जर्मनी के नॉर्थ राइन वेस्टफेलिया राज्य में बुर्का को लेकर विवाद हुआ था 2018 के एक मामले में हैम्बर्ग शहर की एक कोर्ट ने सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है

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Germany: Court lifts ban on wearing of hijab in school (Symbolic Image)

बर्लिन। कई देशों में सार्वजनिक जगहों पर बुर्का या हिजाब या स्कार्फ पहनने पर सख्त मना है। कानून का उल्लंघन करने पर इसके खिलाफ दंड़ का प्रावधान है। इन्ही में से एक देश है जर्मनी। जर्मनी में अधिकतर राजनीतिक पार्टियां इस बात के समर्थक रही हैं कि महिलाओं के बुर्का और हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाया जाए।

लेकिन जर्मनी की एक अदालत ने हैम्बर्ग शहर में बुर्का पहनने पर लगी रोक को हटा दिया है। 2018 के एक मामले में हैम्बर्ग शहर की एक कोर्ट ने सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है कि छात्राओं का स्कूल में हिजाब पहनना किसी भी तरह से जरूरी नहीं है। अब इसके बाद से पूरे देश में एक नई बहस छिड़ गई है।

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2018 के मामले में कोर्ट ने दिया फैसला

आपको बता दें कि 2018 में सरकार ने 14 साल से छोटी बच्चियों के स्कूल में स्कार्फ और हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई थी, जिसके बाद से जर्मनी के नॉर्थ राइन वेस्टफेलिया राज्य में बुर्का को लेकर विवाद हुआ था।

हैम्बर्ग के स्कूली अधिकारियों ने रिटेल सेल्स की पढ़ाई कर रही 16 वर्षीय छात्रा की मां से कहा था कि वे सुनिश्चित करें कि उनकी बेटी कक्षा में बैठने के दौरान पूरे चेहरे को ढकने वाला बुर्का ना पहने। इस मामले पर छात्रा ने इसका विरोध करते हुए कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों के पास इस तरह के प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है। सभी को अपनी धार्मिक स्वतंत्रता की बिना किसी शर्त के सुरक्षा का अधिकार है।

नियमों में करेंगे बदलाव: शिक्षा मंत्री

हैम्बर्ग के सोशल डेमोक्रैटिक शिक्षा मंत्री टाइस राबे ने कहा कि इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए वो सरकारी नियमों में बदलाव करेंगे। उन्होंने कहा कि इसका कोई फर्क नहीं पड़ता कि संस्कृति और धर्म क्या कहते हैं लेकिन स्कूल में हर छात्र-छात्रा को अपना चेहरा खुले में दिखाना होता है।

टाइस ने कहा कि जब किसी विद्यार्थी का चेहरा पूरी तरह ढका होता है तो यह एक सीमा के पार होने जैसा है जिससे पूरी तरह सिखाने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।

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आपको बता दें कि जर्मनी में शिक्षा से संबंधित कानून केंद्र सरकार नहीं बनाती। यहां पर राज्य सरकारें इसे लेकर कायदे कानून बनाती हैं। अब कोर्ट के इस फैसले के बाद से देशभर में बुर्का पहनने को लेकर बहस छिड़ गई है।

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