US-Iran Tension: ड्रोन अटैक के बाद दहशत में वैश्विक एयरलाइन्स, कई कंपनियों ने बदला रास्ता

  • Iran द्वारा अमरीकी ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद से दुनिया भर के एयरलाइन कंपनियों में डर का माहौल
  • कई एयरलाइन कंपनियों ने उड़ान के मार्ग में किया बदलाव

दुबई। अमरीका और ईरान ( Iran ) के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। ईरान द्वारा अमरीकी ड्रोन ( Us drone ) को मार गिराए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर गल्फ समेत पूरी दुनिया पर पड़ने लगा है।

दरअसल, अमरीका और ईरान के बीच हमले की आशंका को लेकर दुनियाभर की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों ने अपनी उड़ानों के मार्ग को बदलने शुरू कर दिए हैं।

अमरीका ने साफ-साफ यह चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र से होकर गुजरने वाली वाणिज्यिक एयरलाइनों को गलती से निशाना बनाया जा सकता है, लिहाजा इस क्षेत्र के आस-पास से गुजरने से बचा जाए।

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अमरीका की चेतावनी

ईरान ने अमरीकी नौसेना के मानवरहित विमान RQ-4A ग्लोबल हॉक को मार गिराया था। इसके बाद से द फेडरल एविएशन ऐडमिनिस्ट्रेशन ( FAA ) ने क्षेत्र में 'गलत पहचान या गलत अनुमान की संभावना' की चेतावनी दी है।

अमरीकी चेतावनी के बाद ऑस्ट्रेलिया की क्वांटस, ब्रिटिश एयरवेज, नीदरलैंड्स की केएलएम और जर्मनी की लुफ्तांसा ने अपनी उड़ानों को उस क्षेत्र में उड़ान से किनारा कर लिया है।

वहीं वैश्विक एयरलाइंस को दिशानिर्देश मुहैया कराने वाली कंपनी OPS ग्रुप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी नागरिक विमान को दक्षिणी ईरान में मार गिराने का खतरा वास्तविक है।

FAA ने कहा है कि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में किसी विमान के गलत पहचान से भारी तबाही का सामना करना पड़ सकता है।

बता दें कि 2014 में यूक्रेन संकट के दौरान एक मलयेशियाई mh17 विमान गलत पहचान का शिकार हो गया था और 298 लोगों की उस हादसे में मारे गए गए।

ईरान ने अमरीकी ड्रोन को मार गिराया

ईरान ने अमरीकी ड्रोन को मार गिराया

ओमान की खाड़ी में बीते एक महीने में दो बार तेल टैंकरों पर हमले के बाद से अमरीका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। बीते गुरुवार को ईरान द्वारा एक अमरीकी ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव और भी काफी बढ़ गया है।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( President Donald Trump ) ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने के आदेश भी जारी कर दिए, थे हालांकि बाद में उसे वापस ले लिया।

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ट्रंप के इस फैसले के बाद से यह संभावना जताई जा रही है कि बहुत जल्द अमरीका ईरान पर कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है।

अमरीकी कार्रवाई को लेकर दुनिया के बाकी देश आशंकित हैं। क्योंकि यदि ऐसा होता है तो तीसरा विश्वयुद्ध छिड़ने का खतरा बढ़ जाएगा। अमरीका के सहयोगी देश भी ईरान पर सैन्य कार्रवाई के पक्ष में नहीं है।

फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी आदि देशों का मानना है कि सैन्य कार्रवाई से ईरान तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाएगा और फिर पूरी दुनिया को तेल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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