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स्कूल खोलने की तैयारी शुरू, जानिए कब शुरू होंगी Classes, बच्चों व पेरेंट्स के लिए तैयार हुई Guidelines, दिखें कई बदलाव

Highlights-लॉकडाउन (Lockdown) में सरकार द्वारा दी जारी ढिलाई को देखते हुए माना जा रहा है कि स्कूल 15 जुलाई को खुल सकते हैं- बाल आयोग जुलाई की बजाए सितंबर से स्कूल खोले जाने के पक्ष में है और उसी वक्त के हिसाब से इस गाइड लाइन (School Guidelines) को तैयार किया गया है-स्कूल खुलने पर विद्यार्थियों को संक्रमण से बचाने के लिए क्या-क्या सावधानियां बरतनी होंगी इसे लेकर बाल आयोग ने विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (Standard Operating Procedure) तय की है  

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स्कूल खोलने की तैयारी शुरू, जानिए कब शुरू होंगी Classes, बच्चों व पेरेंट्स के लिए तैयार हुई Guidelines, दिखें कई बदलाव

स्कूल खोलने की तैयारी शुरू, जानिए कब शुरू होंगी Classes, बच्चों व पेरेंट्स के लिए तैयार हुई Guidelines, दिखें कई बदलाव

नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus In india) तेजी से फैलने के बाद सरकार ने के खौफ के चलते सारे स्कूल (School Closed Due to lockdown) को बंद करवा दिए थे। जैसे- जैसे लॉकडाउन (Lockdown in india) खत्म होगा वैसे ही स्कूल खुलने की बात सामने आ रही है। एेसे में स्कूल (When will schools open) भेजने को लेकर अभिभावक (Guardian) असमंजस की स्थिति में हैं।

लॉकडाउन (Lockdown) में सरकार द्वारा दी जारी ढिलाई को देखते हुए माना जा रहा है कि स्कूल 15 जुलाई को खुल सकते हैं। हालांकि, बाल आयोग जुलाई की बजाए सितंबर से स्कूल खोले जाने के पक्ष में है और उसी वक्त के हिसाब से इस गाइड लाइन (School Guidelines) को तैयार किया गया है। स्कूल खुलने पर विद्यार्थियों को संक्रमण से बचाने के लिए क्या-क्या सावधानियां बरतनी होंगी इसे लेकर बाल आयोग ने विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (Standard Operating Procedure) तय की है और इस गाइड लाइन (Guidelines) को शिक्षा विभाग को भेजा है। आयोग ने 150 बिंदुओं पर गाइड लाइन को तैयार की है। इसमें स्कूल बस, टीचर, स्कूल प्रबंधन और पैरेंट्स के लिए दिशा निर्देश है।

बता दें कि यह गाइडलाइन बाल आयोग ने विशेषज्ञों के साथ मिलकर तय की है। अभी केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइन आने का इंतेजार है।

यह है गाइड लाइन के प्रमुख बिंदु

-यदि स्टूडेंट बस से स्कूल जाता है तो 55 सीटर बसों में 20 से 25 बच्चे होंगे, वही छोटी बसों में 2 गज की दूरी को ध्यान में रखते हुए छात्रों को बैठाना होगा, मुख्य रूप से दो गज की दूरी का ध्यान रखना जरुरी होगा।

-बच्चों को डब्ल्यूएचओ की ओर से निर्धारित स्टैंडर्ड कंटेंट के सेनेटाइजर से सेनेटाइज्ड बस में ही बैठाया जाएगा। इसके अलावा बसों को स्कूल के अलग-अलग गेट से प्रवेश कराया जाए, जिससे बच्चों की भीड़ जमा ना हो।

-स्कूल को भी पूरी तरह हर दिन सेनेटाइज करना आवश्यक होगा।

-कक्षाओं में लगे फर्नीचर छह फीट की दूरी पर लगे हों एवं पूर्णत: सेनेटाइज हों। दरवाजे, खिड़की, गेट के हैंडल और मेटल के सामान अच्छे से धोए जाएं।

-स्कूल में पीने और हाथ धोने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो और हर पीरियड के बाद बच्चों के हाथ धुलवाए जाएं।

-संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्कूल में यूनिफार्म को अनिवार्य न रखा जाए, जिससे बच्चा हर दिन साफ नए कपड़ों में स्कूल पहुंच पाए।

-पालकों से बच्चे के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की जानकारी का प्रमाण पत्र लिया जाए, हल्का सा सर्दी-जुकाम होने पर भी उसे स्कूल ना भेजने के लिए कहा गया है।

-इसके साथ ही पालकों के लिए निर्देश है कि वे कोविड-19 सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का पालन करते हुए ही बच्चे को स्कूल भेजें।

होंगे ये बदलाव

-एक बार में 33-50% छात्र आ सकेंगे।
- स्कूलों को ऑनलाइन पर फोकस करना होगा।
- छात्रों की संख्या के मुताबिक, टॉयलेट, पीने के पानी की व्यवस्था, हाथ धोने की सुविधा को बढ़ाना होगा।
-स्कूल हफ्ते में 2-3 दिन खुलेंगे।