
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के इशारों पर नाचने वाले पाक अधिकृत कश्मीर के पीएम को नाकामी हाथ लगी है। वह अमरीका में कश्मीर मुद्दे को लेकर जनसमर्थन जुटाने के लिए पहुंचे थे। मगर किसी भी अमरीकी राजनीतिज्ञ ने भारत के फैसले के खिलाफ समर्थन नहीं दिया है।
राजा फारूक हैदर ने अपनी अमरीका यात्रा के दौरान शीर्ष अमरीकी थिंक टैंक में दक्षिण एशिया के विशेषज्ञों सहित कई अमरीकी जनमत निर्माताओं से मुलाकात की। 26 अगस्त को अमरीका की वुडरो विल्सन सेंटर में एक बैठक आयोजिक की गई।
इस बैठक में जब दक्षिण एशिया के वरिष्ठ विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन ने जम्मू-कश्मीर और पीओके पर हैदर की राय मांगी। इस पर हैदर ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि पीओके में वह यूएन को फैक्ट फाइंडिंग मिशन को जांच की अनुमति देंगे। गौरतलब है कि कि इससे पहले पाकिस्तान ने किसी भी यूएन मिशन को पाक अधिकृत कश्मीर में जांच करने की खुली इजाजत नहीं दी है।
यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में पूछे गए एक सवाल के हैदर ने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर में पाक संविधान लागू करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो दोषी हैं। हैदर ने कहा कि पीओके की स्वायत्तता को उन्होंने ही खत्म किया।
इस मामले में पाकिस्तान की राजनीति पर बारीक नजर रखने वाले एक अमरीकी विशेषज्ञ का कहना है कि राजा फारूक हैदर भारत को कश्मीर मुद्दे पर एक खलनायक की तरह पेश करने की कोशिश में थे। मगर उन्होंने अपने बयान से साबित कर दिया है कि पीओके में पाक का ही संविधान लागू होता है। वहां पर हर राजनेता पाक के इशारों पर काम करता है। इस क्षेत्र में आजादी जैसी कोई बात नहीं है। पीओके पूरी तरह से पाक सेना के इशारों पर चलता है।
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Updated on:
07 Sept 2019 09:27 am
Published on:
06 Sept 2019 01:54 pm
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