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अमरीका-रूस में बढ़ती नजदीकी भारत के लिए शुभ संकेत

अमरीका-रूस के बीच बढ़ती दोस्ती से भारत को काफी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी फायदा हो सकता है।
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नई दिल्ली

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Mangala Prasad Yadav

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Updated: 17 Jul 2018, 11:28 AM IST

putin trump

अमरीका-रूस में बढ़ती नजदीकी भारत के लिए शुभ संकेत

नई दिल्लीः अमरीका और रूस की बीच तेजी से सुधर रहे रिश्ते भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। सोमवार को फिनलैंड में डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई मुलाकात से भारत बेहद खुश है। इस मुलाकात से भारत को कई तरह का फायदा हो सकता है। कूटनीतिक विशेषज्ञों की माने तो ट्रंप और पुतिन की दोस्ती से भारत की विदेश नीति और मजबूत होगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगा ये फायदा
अमरीका और रूस की दोस्ती से परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) की सदस्यता पाने में भारत को सफलता मिल सकती है। क्योंकि अमरीका और रूस के साथ आने से चीन भी भारत के पक्ष में आ सकता है। इसके अलावा अमरीका के साथ भारत की बढ़ती दोस्ती से रूस भी नाराज नहीं होगा। इससे पहले अमरीका-रूस के बीच टकराव से भारत के सामने धर्म संकट जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। भारत अगर रूस का समर्थन खुलेआम करता तो अमरीका के नाराज होने का डर था और अगर अमरीका का समर्थन करता तो रूस से पुरानी दोस्ती खतरे में पड़ जाती। इससे पहले जब भारत अमरीका के करीब आने लगा तो रूस ने पाकिस्तान के साथ अपनी नजदीकी बढ़ानी शुरू कर दी थी।

ये भी पढ़ेंः रूस के राष्ट्रपति से मिलने के बाद बदले ट्रंप के सुर, कहा अब पहले जैसे खराब नहीं रहेंगे रिश्ते

रक्षा समझौते में भारत को होगा फायदा
अमरीकी प्रतिबंधों की वजह से भारत को रूस के साथ हुए रक्षा समझौतों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अमरीका-रूस की दोस्ती से भारत को काफी सहूलियतें मिल सकती है। अमरीकी प्रतिबंध के चलते रूस से एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 खरीदने में भी भारत को परेशानी हो रही थी। इसके अलावा ट्रेड वार के बीच अमरीकी दबाव में आकर भारत को रूस की कंपनियों के साथ कारोबार पर भी प्रतिबंध लगाना नहीं पड़ेगा।