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सीरिया संकट के समाधान में भारत निभाए भूमिकाः जॉर्डन

जॉर्डन के प्रिंस अली बिन अल हुसैन को सीरिया संकट के समाधान के लिए भारत से काफी उम्मीदें हैं।

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जॉर्डनः दुनिया में बढ़ते भारत के प्रभाव का असर जॉर्डन पर भी देखा जा रहा है। जॉर्डन के प्रिंस अली बिन अल हुसैन को सीरिया संकट के समाधान के लिए भारत से काफी उम्मीदें हैं। जॉर्डन के प्रिंस अली बिन अल हुसैन ने कहा है कि दुनिया में भारत एक ताकतवर देश है। इसकी वजह से सीरिया में शरणार्थी संकट के समाधान में भारत अहम भूमिका निभा सकता है। जॉर्डन में 26-27 मार्च को होने वाली लॉरेट्स एंड लीडर्स फ़ॉर चिल्ड्रेन शिखर बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में प्रिंस ने कहा कि सीरिया संकट का समाधान भारत जैसा ताकतवर देश ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में भारत के कई देशों से अच्छे संबंध है जिसका फायदा सीरिया संकट के समाधान में मिल सकता है।

26 और 27 मार्च को होगी शिखर बैठक

जॉर्डन में 26 और 27 मार्च को लॉरेट्स एंड लीडर्स फ़ॉर चिल्ड्रेन शिखर बैठक होने जा रही है। इस बैठक में सीरिया में शरणार्थियों खासकर बच्चों से जुड़े मुद्दों को लेकर बातचीत होगी। जॉर्डन इस शिखर बैठक का सह-आयोजक है। इस लिहाज से जॉर्डन के प्रिंस का बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत से जॉर्डन को उम्मीद

सीरिया संकट का समाधान करने के लिए जॉर्डन को भारत से काफी उम्मीदें हैं। जॉर्डन के प्रिंस का कहना है कि उनका देश इस संकट को दूर करने के लिए काम कर रहा है। अली बिन अल हुसैन ने कहा है कि अगर भारत भी इस संकट के समाधान के लिए विश्व बिरादरी के साथ मिलकर सहयोग करे तो सीरिया संकट और शरणार्थियों को काफी राहत मिल सकती है।

कैलाश सत्यार्थी ने किया प्रिंस का समर्थन

नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने सीरिया संकट के समाधान के लिए जॉर्डन के प्रिंस के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारत ही एक ऐसा देश है जो दुनिया भर में मानवता का संदेश दे सकता है। कैलास सत्यार्थी का कहना है कि सीरिया संकट के समाधान में भारत अहम भूमिका निभा सकता है। नोबल पुरस्कार विजेता सत्यार्थी ने यह भी कहा कि भारत हमेशा से विश्व में शांति के लिए काम करता रहा है। नेपाल, सूडान और अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने में भारत की भूमिका से कोई इनकार नहीं कर सकता।