11 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए यूरोप की यात्रा होगी आसान, जल्द मिलेगा शैंगेन प्राइऑरटी वीजा

वर्तमान में शैंगेन वीजा के लिए लगभग 15 से 30 दिन लगते हैं।

2 min read
Google source verification
 Schengen priority visas

भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए यूरोप की यात्रा होगी आसान, जल्द मिलेगा शेन्जेन प्रियारिटी वीजा

नई दिल्ली: भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए यूरोप की यात्रा जल्द ही आसान हो सकती है। यूरोपीय संघ से मिली रिपोर्टों के अनुसार यूरोपीय राज्य जल्द ही भारतीय पासपोर्ट धारकों को शैंगेन प्राइऑरटी वीजा प्रदान कर सकते हैं। माना जा रहा है कि यह एक ऐसा कदम है जिसका बड़े पैमाने पर लोग स्वागत करेंगे।

अमरीकी संसद में पास हुआ नया विधेयक, कुत्ते और बिल्ली का मांस खाने पर प्रतिबंध

क्या है शैंगेन वीजा

शैंगेन वीजा यूरोपीय संघ के 26 यूरोपीय देशों में मान्य होने वाला एकल वीजा है। इसके धारक को यूरोपीय संघ के 26 देशों के लिए अलग-अलग जाकर वीजा नहीं लेना होगा। शैंगेन वीजा धारक बिना किसी अवरोध के कई देशों की यात्रा कर सकेंगे। ब्रिटेन, बेल्जियम, चेक गणराज्य, डेनमार्क, जर्मनी, एस्टोनिया, ग्रीस, स्पेन, फ्रांस, इटली, लातविया, लिथुआनिया, लक्समबर्ग, हंगरी, माल्टा, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, पोलैंड, स्विट्जरलैंड, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, स्लोवाकिया, फिनलैंड आदि शामिल हैं। शैंगेन वीजा स्वीडन, आइसलैंड, लिचेंस्टीन, नॉर्वे आदि देशों में भी स्वीकार होगा।

ब्रिटेन ने शुरू किया शैंगेन वीजा

ब्रिटेन 90,000 रुपये की अतिरिक्त लागत पर भारतीय नागरिकों को शेंजेन प्राथमिकता वीजा प्रदान करता है। ब्रिटेन में वीजा की 'प्राथमिकता' श्रेणी 20,000 रुपये के अतिरिक्त शुल्क पर निर्धारित होती है। वीजा मिलने में एक सप्ताह से भी कम का समय लगता है। बता दें कि ब्रिटेन ने सुपर प्राथमिकता वीजा श्रेणी भी शुरू की है जो विशेष रूप से व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया है, जिन्हें अत्यंत कम समय के नोटिस पर विदेश यात्रा करने की आवश्यकता होती है। वर्तमान में शैंगेन वीजा के लिए लगभग 15 से 30 दिन लगते हैं।

कुनमिंग से कोलकाता तक बुलेट ट्रेन चलाना चाहता है चीन, बांग्लादेश और म्यांमार भी होंगे रूट पर

यूरोप जाने वाले भारतीयों की संख्या में इजाफा

भारत में अधिकांश देशों के लिए वीजा सुविधाएं प्रदान करने वाले संगठन वीएफएस ग्लोबल ग्रुप के सीईओ जुबिन करकरिया ने बताया कि 'विदेशी वाणिज्य दूतावास अधिक से अधिक संख्या में भारतीयों तक पहुंचना चाहते हैं। वे न केवल पर्यटकों बल्कि अन्य श्रेणियों के लोगों को भी लुभा रहे हैं। विदेशी मुल्कों के लिए भारत एक बड़ा बाजार है।' उन्होंने यह भी कहा कि भारत से वीजा आवेदनों की संख्या हर पांचवें साल 10 से 15 प्रतिशत बढ़ती है। टायर 2 शहरों में इस संख्या में 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।