
उत्तर कोरिया की सैन्य परेड में नहीं दिखी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें
प्योंगयांग। परमाणु निरस्त्रीकरण का असर उत्तर कोरिया के स्थापना दिवस पर भी दिखाई दिया। 70 वें स्थापना दिवस के मौके पर रविवार को आयोजित सैन्य परेड में कोई भी परमाणु मिसाइल नहीं दिखाई दी। इस सैन्य परेड में उत्तर कोरिया ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का भी प्रदर्शन नहीं किया। ये मिसाइलें अमेरिका के मुख्य भूभाग तक मार करने में सक्षम हैं। इन मिसाइलों के दम पर उत्तर कोरिया अमरीका को पहले चुनौती देता आया है। हर बार सैन्य परेड में इन बैलिस्टिक मिसाइल का प्रदर्शन कर उसने दुनिया को अपनी ताकत का परीचय दिया है। सैन्य परेड के दौरान किम जोंग उन के समक्ष जवानों, तोपों और टैंकों का प्रदर्शन किया गया। परेड में सबसे बड़ी मिसाइलें छोटी दूरी की बैटलफील्ड डिवाइसेस दिखाई गई थी।
गणराज्य की स्थापना 1948 में हुई
जनवादी लोकतांत्रिक कोरिया गणराज्य की स्थापना 1948 में हुई और रविवार को वह अपनी 70वीं वर्षगांठ मना रहा है। इसे आधिकारिक तौर पर उत्तर कोरिया कहा जाता है। उत्तर कोरिया के मौजूदा तानाशाह किम जोंग-उन का परिवार ही पिछले 70 साल से यहां शासन कर रहा है। वॉशिंगटन में थिंक टैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन के इवांस रीवेरे ने कहा कि उत्तर कोरिया में वर्षगांठ महत्वपूर्ण होती है और इस साल वाली भी अहम है। ये अवसर नेताओं के लिए उपलब्धियों और राष्ट्रीय शक्ति को प्रदर्शित करने तथा उन्हें श्रेय देने का मौका होता है।
परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने का ऐलान किया था
जून अमरीका और उत्तर कोरिया के राष्ट्रध्यक्षों की मुलाकात के बाद कोरियाई द्वीप में शांति देखने को मिल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग की इस मुलाकात के बाद तय हुआ था कि उत्तर कोरिया अपने सभी परमाणु कार्यक्रम को निरस्त कर देगा। इसके साथ परमाणु हथियारों को भी नष्ट कर देगा। इस समझौते में अमरीका ने उत्तर कोरिया को हरसंभव आर्थिक मदद देने का वायदा भी किया था। इसके बाद से उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने ऐलान किया था।
Published on:
09 Sept 2018 02:26 pm
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