
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस: लेबर डे के दिन दुनिया के इन देशों में रहती है छुट्टी
नई दिल्ली। अन्तरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस ( International labour day ) को आधिकारिक रूप से 66 देशों में मान्यता प्राप्त है। दुनिया के ऐसे कई देश हैं जहां इस दिन छुट्टी रहती है। अमरीका ( America ) के कुछ शहरों में लंबे समय से मई दिवस पर छुट्टी की परंपराएं हैं। इसके विपरीत कई देश ऐसे हैं जहां अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर कोई छुट्टी नहीं होती। आइए, एक नजर डालते हैं उन देशों की सूची पर जहां मजदूर दिवस के दिन अवकाश घोषित रहता है।
अफ्रीका के देश
1962 में अल्जीरिया ने लेबर डे के मौके पर अवकाश की घोषणा की। इसके अलावा मिस्र में भी लेबर डे के दिन छुट्टी होती है लेकिन अगर कई व्यक्ति कार्यालय आता है तो उसे पैसे मिलते हैं। घाना और इथियोपिया में भी इस दिन छुट्टी होती है। केन्या, लीबिया और दक्षिण अफ्रीका आदि देशों में भी इस दिन अवकाश होता है। दक्षिण अफ्रीका ( South Africa ) में इंटरनेशनल लेबर डे काफी धूम-धाम से मनाया जाता है। जिम्बाबवे और नामीबिया आदि देशों में भी लेबर-डे की काफी धूम है।
अमरीकी देशों में लेबर डे की शानदार परंपरा
अमरीकी देशों में इंटरनेशनल लेबर डे मामने की बेहद सशक्त परंपरा है। अर्जेंटीना में इस दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है। बोलीविया में भी इस दिन को पब्लिक हॉलीडे के रूप में मनाया जाता है। ब्राजील में श्रमिक दिवस एक आधिकारिक अवकाश है जो 1 मई को मनाया जाता है। मजदूरों की यूनियन इसे दिन भर के सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिये मनाते हैं। कनाडा में, मजदूर दिवस सितंबर में मनाया जाता है। 1894 में प्रधान मंत्री जॉन स्पैरो डेविड थॉम्पसन की सरकार ने सितंबर में पहले सोमवार को कनाडा के आधिकारिक श्रम दिवस के रूप में घोषित किया। संयुक्त राज्य अमरीका में भी मजदूर दिवस उसी दिन होता है। 1931 में चिली के राष्ट्रपति कार्लोस इब्नेज़ डेल कैम्पो ने मजदूरों के सम्मान में 1 मई को राषट्रीय छुट्टी घोषित किया। कोलंबिया में भी राष्ट्रीय अवकाश रहता है। क्यूबा, इक्वाडोर में एक मई को राष्ट्रीय अवकाश रहता है। दोनों ही देशों में एक मई को लेबर डे के नाम से जाना जाता है। इक्वाडोर में लोग इस दिन काम पर जाना पसंद नहीं करते हैं। उरुग्वे, वेनेजुएला , कैलिफोर्निया , हैती, ग्वाटेमाला, मैक्सिको आदि देशों में भी आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय अवकाश रहता है।
एशियाई देशों में राष्ट्रीय अवकाश
एशिया के कई देशों में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। इस दिन मजूदर काम पर नहीं जाते हैं। प्रायः सभी मजदूर अपने घर या रिश्तेदार के यहां छुट्टियां मनाना पसंद करते हैं। भारत में हर वर्ष एक मार्च को सार्वजनिक अवकाश रहता है। यहां पर इसे अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के तौर पर जाना जाता है। भारत में अलग-अलग नामों से इसे जाना जाता है। हिन्दी में कामगार दिवस, कन्नड में कर्मिकारा दिनाचाराने, तेलुगु में कार्मिका दिनोत्सावम, मराठी में कामगर दिवस, बंगाली में श्रोमिक दिबोस आदि। भारत में पहली बार 1 मई 1923 को लेबर किसान पार्टी की ओर से चेन्नई (तत्कालीन मद्रास) में मई दिवस मनाया गया था और यही पर पहली बार लाल झंडे को फहराया गया था। प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने एक मई को मजदूर दिवस के तौर पर राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा की थी। जापान , बहरीन, बांग्लादेश, भुटान, कंबोडिया में मजदूर दिवस मनाया जाता है और इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। चीन में एक मई को वैधानिक अवकाश रहता है। 2008 से पहले चीन में तीन दिन की छुट्टी रहती थी, हालांकि अब केवल एक दिन की रहती है। इंडोनेशिया में एक मई 2007 को मजदूरों ने विरोध मार्च निकाला था, जिसके बाद 2014 में पहली बार सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया और तब से हर साल एक मई को छुट्टी रहती है। ईरान, इराक, इजरायल में भी एक मई को राष्ट्रीय अवकाश रहता है। जोर्डन, मालदीव, मलेशिया, नेपाल, लेबनान, म्यांमार आदि देशों में एक मई को वर्कर डे के तौर पर जाना जाता है और इस दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है। पाकिस्तान, श्रीलंका, दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया में भी एक मई को राष्ट्रीय अवकाश रहता है।
यूरोप के देशों में सार्वजनिक अवकाश
यूरोपीय देशों में एक मई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। एक मई को बहुत ही शानदार तरीके से जश्न मनाया जाता है। पोलैंड, हंगरी में 1982 से मजदूर दिवस मनाया जा रहा है। अल्बिनिया, अर्मेनिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस , जॉर्जिया, जर्मनी, हंगरी, आइसलैंड, आयरलैंड, इटली, माल्टा, नीदरलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया आदि देशों में बड़े ही हर्ष के साथ एक मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है। हर देश में सार्वजनिक अवकाश रहता है। रूस में 1917 में पहली बार कानूनी तौर पर मजदूर दिवस मनाया गया था। स्वीडन में पहले विश्वयुद्ध के बाद काम करने के समय में बदलाव किया गया और 8 घंटे निर्धारित किए गए। युक्रेन, तुर्की, यूनाइडेट किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड आदि देशों में भी मजदूर दिवस के दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है।
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Updated on:
01 May 2019 09:02 am
Published on:
01 May 2019 07:02 am
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