
नई दिल्ली। इजरायल ने केरेम शालोम वाणिज्यिक क्रॉसिंग से गाजा पट्टी में कार टायरों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक फिलिस्तीनी आधिकारी ने शनिवार को कहा कि इजरायल के इस निर्णय से एक दिन पहले फिलस्तीनी प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को गाजा पट्टी और इजरायल के बीच की बाड़ पर प्रदर्शन के दौरान हजारों कार टायरों को आग के हवाले कर दिया था।
ये है टायर जलाने का मकसद
इलाके में हो रहे प्रदर्शन में कई फिलिस्तीनी, इजरायली सैनिकों के हाथों मारे जा चुके हैं। टायर जलाने का मकसद यह है कि धुएं के कारण बाड़ के पीछे तैनात इजरायली सुरक्षाकर्मि कुछ देख नहीं सकें। गाजा सीमा के अधिकारी राएद फताह ने कहा, "इजरायल के अधिकारियों ने हमें बताया कि वे इस क्रॉसिग से होकर गाजा के व्यापारियों के लिए लिए रबर टायर लेकर जाने वाले चार ट्रकों के प्रवेश को रोक रहे हैं। फताह को हालांकि यह सूचित नहीं किया गया कि इजरायल का यह निर्णय स्थाई है या अस्थाई।
10 लोगों की मौत
बता दें कि दो दिन पूर्व गाजा पट्टी में विरोध प्रदर्शन के दौरान इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए फिलिस्तीनियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जबकि 1,000 से ज्यादा गोली लगने से घायल हुए हैं। फिलिस्तीनी अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार को उस समय हुई, जब इजरायली सेना ने इजरायल की सीमा के पास प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दी। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल केद्रा ने इस बात की पुष्टि की है कि संघर्ष में 10 लोग मारे गए। गोला-बारूद और विस्फोटकों में घायल हुए 491 लोगों सहित कुल 1,354 लोग घायल हुए हैं। इजरायल-गाजा सीमा पर शुक्रवार को करीब 20,000 फिलिस्तीनियों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसे 'फ्राइडे ऑफ टायर्स' नाम दिया गया। इस बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने गाजा में 30 मार्च को विरोध प्रदर्शन के दौरान इजरायली सैनिकों द्वारा कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग करने की निंदा की, जहां कम से कम 16 लोग मारे गए थे और 1,000 से अधिक घायल हुए थे।
Published on:
08 Apr 2018 03:54 pm
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