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फिलिस्तीनी विदेश मंत्री का आरोप- अमरीकी शह के बिना इजरायल की गाजा में अपराध की हिम्‍मत नहीं

फिलिस्‍तीन ने अमरीका पर लगाया इजरायल के पक्ष में सुरक्षा परिषद के हर प्रयास को रोकने का आरोप।
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 1 Apr 2018, 11:14 AM IST

riyad al malki

riyad al malki

नई दिल्‍ली. फिलिस्तीन ने शनिवार को अमरीका पर गाजा पट्टी की स्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान को रोकने का आरोप लगाया। फिलिस्तीन ने कहा कि अमरीका द्वारा सुरक्षा परिषद के बयान पर आपत्ति लगाने के कारण इजरायल को फिलिस्तीनियों के विरुद्ध आक्रामक कार्रवाई जारी रखने को प्रोत्साहन मिला है। चीनी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक फिलिस्तीन के विदेशी मामलों के मंत्री रियाद अल माल्की ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि अमरीका इजरायल द्वारा गाजा पट्टी पर किए गए नरसंहार को लेकर सुरक्षा परिषद के हर प्रयास को रोक रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में अमेरिकी संरक्षण के बिना इजरायल फिलिस्तीनियों के खिलाफ जघन्य अपराध करने की हिम्मत नहीं कर सकता।

आपात बैठक में नहीं बनी निंदा प्रस्‍ताव सहमति
शुक्रवार शाम को गाजा पट्टी क्षेत्र में इजरायल द्वारा कराए गए नरसंहार पर चर्चा के लिए कुवैत के आग्रह पर बुलाई गई बंद कमरे की एक बैठक में सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई थी। बैठक बुलाने का मकसद फिलिस्तीनियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान इजरायल द्वारा की गई हिंसा के विरोध में निंदा प्रस्‍ताव पारित करना था। लेकिन सुरक्षा परिषद निंदा प्रस्‍ताव पारित करने में सभी सदस्‍य देशों के बीच सहमति बनाने में नाकाम रहा।

मंसूर ने की जघन्‍य अपराध की निष्‍पक्ष जांच की मांग
संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन के प्रतिनिधि रियाद मंसूर ने कहा कि एक आधिकारिक खुले सत्र का फैसला लिया गया था लेकिन अमरीका ने इजरायल द्वारा प्रदर्शनकारियों के दमन की निंदा करने को लेकर संयुक्त राष्ट्र द्वारा बयान जारी किए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया, जिसकी वजह से यह प्रस्‍ताव पारित नहीं हो सका। मंसूर ने खुलासा किया कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस समेत कई यूरोपीय देशों ने गाजा पट्टी पर हुई घटनाओं की जांच की मांग की थी। फिलिस्तीन खुद इजरायल द्वारा की गई जांच को स्वीकार नहीं करेगा, बल्कि हम चाहते हैं कि इस अपराध की जांच निष्पक्ष निकायों द्वारा कराई जाए।