सूत्रों का दावा, मसूद अजहर को लेकर भारत ने चीन को सौंपे थे अतिरिक्त सबूत

सूत्रों का दावा, मसूद अजहर को लेकर भारत ने चीन को सौंपे थे अतिरिक्त सबूत

Anil Kumar | Publish: May, 03 2019 09:01:56 PM (IST) | Updated: May, 03 2019 09:01:57 PM (IST) विश्‍व की अन्‍य खबरें

  • सूत्रों का यह दावा है कि भारत ने चीन को अतिरिक्त सबूत दिए, जिसके बाद यूएन में मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित किए पर चीन ने अड़ंगा नहीं लगाया।
  • मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने ग्लोबल आतंकी घोषित किया है।
  • इससे पहले चीन ने चार बार वीटो इस्तेमाल करते हुए मसूद का बचाया था।

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र ( united nation ) की ओर से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ( Masood Azhar ) को आखिर कार लंबे प्रयास के बाद ग्लोबल आतंकी घोषित किया गया। लेकिन अब इसको लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसा क्या हुआ कि जि चीन ( China ) ने बाते दस वर्षों से मसूद को बचाता रहा है वह चंद दिनों में ही मान गया और मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने पर वीटो नहीं किया। दरअसल, सूत्रों के हवाले से शुक्रवार को जो खबरें सामने आई है उसके मुताबिक चीन को अतिरिक्त सबूत दिए गए थे। इन सबूतों के आधार पर चीन अपना फैसला बदलने को मजबूर हुआ। हालांकि अभी तक जो यह साफ नहीं हो पाया है कि चीन को जो सबूत सौंपे गए उसमें पुलवामा हमले का जिक्र किया गया है या नहीं। क्योंकि जिस प्रस्ताव के आधार पर मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित किया गया उसमें पुलवामा हमले का जिक्र नहीं किया है। इसके बाद से भारत में भी इसको लेकर सवाल खड़े हुए। बता दें कि चीन ने बीते दिन ही यह कहा था कि उन्होंने यूएन में दिए गए नए प्रस्ताव का अध्ययन बहुत ही सावधानी और ध्यानपूर्वक किया है, जिसके बाद मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने पर वीटो न करने का निर्णय लिया।

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यूरोपियन यूनियन में भी आतंकी घोषित होगा मसूद अजहर

बता दें कि सूत्रों के हवाले से जो सूचनाएं सामने आई है उसके मुताबिक भारत ने चीन को मसूद अजहर को लेकर कई अहम दस्तावेज और सबूत दिए। जिसके अध्ययन के बाद चीन मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने के प्रस्ताव को समर्थन देने के लिए राजी हो हुआ। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ( unsc ) में ब्रिटेन, फ्रांस और अमरीका ने अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव रखा था, जिसपर चीन ने तकनीकी रोक लगा दिया था। इसके बाद यह सवाल खड़े हुए थे कि क्या चीन फिर से मसूद को बचा रहा है। अब सूत्रों ने बताया है कि चीन को भारत ने पर्याप्त सबूत दिए गए जिसके अध्ययन के बाद वह मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए तैयार हुआ। सूत्रों ने यह भी बताया है कि मसूद पर पाबंद लगने का असर यूएन के सभी सदस्य देशों पर होगा। हालांकि अब यूरोपियन यूनियन ( European Union ) भी मसूद अजहर पर कड़ी कार्रवाई कर सकता है और ग्लोबल आतंकी घोषित कर सकता है। इससे पहले इसी साल मार्च में जब यूएन में प्रस्ताव रखा गया था और चीन ने अड़ंगा लगाया था, तब जर्मनी ने यूरोपियन यूनियन में मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव रखा था। बहरहाल, यूएन के फैसले के बाद से चीन पर काफी दबाव बढ़ गया है और मसूद अजहर पर कार्रवाई करने को अब मजबूर होना पड़ा है।

 

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