
पेरिस समझौते से पीछे नहीं हटने को तैयारी मॉरिसन, कहा-खर्च की परवाह नहीं
केनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकलने के अपने कंजर्वेटिव सहयोगियों के आग्रह को ठुकरा दिया है। जलवायु परिवर्तन (आईपीसीसी) पर संयुक्त राष्ट्र की अंतर सरकारी समिति की रिपोर्ट से पहले मॉरिसन ने अपने पुराने दावों को दोहराते हुए कहा कि आस्ट्रेलिया अपने उत्सर्जन में कटौती के लक्ष्यों को पूरा करेगा। उनका देश पर्यावरण की भलाई के लिए हमेशा सजग रहा है। ऐसे में वह किसी भी कीमत पर इसके सुधार से पीछे नहीं हटने वाला है।
25 फीसदी उत्सर्जन कटौती करने का लक्ष्य
ऑस्ट्रेलिया ने 2005 के स्तर की तुलना में 2030 तक 25 फीसदी उत्सर्जन कटौती करने का लक्ष्य रखा है। सरकार के कंजर्वेटिव सदस्यों ने मॉरिसन ने उत्सर्जन कटौती लक्ष्य को छोड़ने का आह्वान करते हुए कहा था कि लक्ष्यों को हासिल करने से बिजली की कीमतों में वृद्धि होगी। मॉरिसन ने कहा कि जब ऑस्ट्रेलिया किसी चीज को लेकर प्रतिबद्धता दिखाता है तो उसे निभाता है। उनका कहना था कि इस प्रक्रिया में कितना भी खर्चा आए,वह इसे वहन करेंगे। पूरी दुनिया में पर्यावरण समस्या बढ़ती जा रही है। पर्यावरण में मौजूद ओजोन लेयर समस्या उत्पन्न हो रही है। गौरतलब है कि अस्टे्लियाई उद्योगपतियों का कहना है कि समझौते को मान लेने के बाद कंपियों को नियम का पालन करना पड़ेगा। इससे उन्हें काफी घाटा होने की उम्मीद है।
पीछे हटने की तार्किक वजह नहीं
सिडनी और मेलबर्न के रेडियो चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में नए प्रधानमंत्री ने कहा, 'जलवायु समझौते से पीछे हटने की कोई तार्किक वजह नहीं है। वे अपने विपक्षी मित्रों से कहना चाहते हैं कि वह अपने काम पर अधिक ध्यान दें। उनके लिए भी इस वक्त ऑस्ट्रेलियाई युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मुहैया कराना ही प्राथमिकता है।
Published on:
08 Oct 2018 12:31 pm
बड़ी खबरें
View Allविश्व की अन्य खबरें
विदेश
ट्रेंडिंग
