
अमरीका के बाद अब रूस की गोद में क्यों बैठ रहे हैं किम जोंग-उन?
सियोल। उत्तर कोरिया ने बुधवार तड़के दो छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं| दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ ने यह जानकारी दी। एक सप्ताह के भीतर यह मिसाइल परीक्षण का दूसरा मामला है। इससे पहले बीते गुरुवार को प्योंगयांग ने जापान के सागर में दो छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इस दौरान उत्तरी कोरिया ने मिसाइल के साथ कई अन्य हथियारों का भी परीक्षण किया।
उत्तरी कोरिया का यह कदम अमरीकी और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास की योजना को चेतावनी के रुप में माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस अज्ञात हथियार की दूरी का पता नहीं चल पाया है।
उत्तरी कोरिया की अमरीका के साथ तीन बार बैठक हुई
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के तहत उत्तरी कोरिया को बैलिस्टिक मिसाइल की लांचिंग से प्रतिबंधित किया है। मगर वह लगातार इस तरह के परीक्षण कर रहा है। अमरीका ने उत्तर कोरिया को मिसाइल कार्यक्रमों पर रोक लगाने की सलाह दी है। दोनों देश के नेताओं के बीच लंबे समय से कूटनीतिक प्रयास चल रहे हैं। अभी तक अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग तीन बार मिल चुके है।
परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने पर हुआ था सहमत
इस हथियार के प्रशिक्षण के बारे में उत्तरी कोरिया की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। हालांकि अमरीकी डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के बावजूद किम जोंग उन ने छह दिन पहले व्यक्तिगत रूप से दो मिसाइल लांचिंग का निरीक्षण किया था। उत्तरी कोरिया ने अमरीका के साथ जून में बैठक के दौरान परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने को लेकर सहमति बनी थी।
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Updated on:
31 Jul 2019 01:12 pm
Published on:
31 Jul 2019 10:14 am
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