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पाकिस्तान का आरोप: भारत के दबाव में आकर उसे ग्रे लिस्ट की सूची में डाला

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहम्मद आजम ने कहा कि पाक को ग्रे लिस्ट में शामिल करने के लिए भारत ने दबाव बनाया।
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Mohit Saxena

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Jun 28, 2018

pakistan

पाकिस्तान ने अपनी बर्बादी के लिए भारत को ठहराया जिम्मेदार

इस्लामाबाद। आतंकियों की जन्मस्थली पाकिस्तान दुनिया में अलग—थलग पड़ता जा रहा है। आतंकवाद के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान पर शिकंजा कसते हुए फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने उसे ग्रे सूची में डाल दिया था। आतंकियों को आर्थिक मदद करने के आरोप के बाद यह कार्रवाई की गई थी। इसके बाद से वह अपनी छवि को सुधारने की लगातार कोशिश में लगा हैै,मगर सारी कोशिशें बेकार साबित हो रही हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहम्मद आजम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एफएटीएफ पर अमेरिका और भारत का अत्यधिक दबाव है। आजम ने कहा कि इन देशों ने चीन और सऊदी अरब पर भी दबाव डाला है कि वह पाकिस्तान की मदद ना करें और ना ही इस मामले में कोई हस्तक्षेप करें।

अख्तर को देश के बचाव के लिए चुना

स्थानीय मीडिया के मुताबिक,पाकिस्तान ने अपने वित्त मंत्री शमशाद अख्तर को देश के बचाव के लिए चुना है। अख्तर एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान का पक्ष रखेंगे और ग्रे सूची से नाम हटाने की मांग करेंगे। इसके साथ ही पाक वित्त मंत्री मनी लॉन्ड्रिंग,आतंकी फंडिंग और आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में एफएटीएफ को जानकारी देंगे।

ब्लैक लिस्ट की सूची में शामिल होने का खतरा

गौरतलब है कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। कश्मीर और अफगानिस्तान के साथ दुनिया के अन्य हिस्सों में होने वाली आतंकी घटनाओं में उसका नाम सामने आता रहा है। इस लेकर फ्रांस,अमेरिका,जर्मनी और अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने इस देशों को पाकिस्तान के खिलाफ पुख्ता सबूत दिए हैं। ऐसे पाकिस्तान पर ब्लैक लिस्ट वाले देशों की सूची में शामिल होने का खतरा मंडराने लगा है। इस खतरे को भांपते हुए पाकिस्तान सरकार बचने का रास्ता खोज रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ब्लैक लिस्ट होने से बचने के लिए पाकिस्तान ने 15 महीनों के अंदर 26-सूत्रीय एक्शन प्लान तैयार किया है। इस प्लान में यह बताया गया है कि वह आतंकियों को दिए जाने वाली आर्थिक मदद पर कैसे रोक लगाएगा और इसके लिए कौन-कौन से कदम उठाएगा।

पाक की कार्रवाई की समीक्षा होगी

एफएटीएफ का काम है कि वह धन को अवैध तरीके से एक देश से दूसरे देश भेजने, आतंकवाद को आर्थिक मदद देने और वैश्विक आर्थिक ढांचे के लिए अन्य खतरनाक तरीकों पर नजर रखता है। पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने वाले देशों की निगरानी सूची (ग्रे लिस्ट) में एफएटीएफ की फरवरी माह में हुई बैठक में डाल दिया था, तब पाकिस्तान को कुछ माह की मोहलत देते हुए कहा गया था कि समीक्षा बैठक में पाकिस्तान को इस मामले में एक्शन टेकेन रिपोर्ट देनी होगी।