29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फाइजर इंक 12 से कम उम्र के बच्चों पर भी टीके का परीक्षण शुरू करेगी, डोज की मात्रा होगी कम

अध्ययन के लिए कंपनी अमरीका, फिनलैंड, पोलैंड और स्पेन में 90 से अधिक क्लिनिकल साइटों को चुनेगी। बच्चों को 10 माइक्रोग्राम की दो खुराकें दी जाएंगी।

2 min read
Google source verification
pfizer

pfizer

नई दिल्ली। कोरोना वैक्सीन का परीक्षण अब 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर भी किया जाएगा। फाइजर इंक का कहना है कि वह परीक्षण के पहले चरण में डोज की कम खुराक तय करने के बाद बच्चों के एक बड़े समूह में कोविड-19 वैक्सीन का परीक्षण शुरू करेगा।

Read More: गुजरात: सूरत में कोविड वैक्सीन नहीं लगवा पाए व्यापारियों पर हुई कार्रवाई, 748 दुकानें बंद कराईं

छोटी डोज का चयन करेंगे

कंपनी के अनुसार अध्ययन के लिए वह अमरीका, फिनलैंड, पोलैंड और स्पेन में 90 से अधिक क्लिनिकल साइटों को चुनेगी। यहां पर 4,500 बच्चों को नामांकित करेगा। फाइजर ने कहा कि वह परीक्षण के पहले चरण में वैक्सीन की छोटी डोज का चयन करेंगे। 12 साल से कम उम्र के बच्चों के एक बड़े समूह में कोविड-19 टीकाकरण का परीक्षण शुरू कर दिया गया है।

सितंबर तक अंतिम नतीजों की उम्मीद

फाइजर के प्रवक्ता के अनुसार कंपनी सितंबर में 5 से 11 साल के बच्चों के डेटा के आने की उम्मीद करती है। इस महीने के अंत में नियामकों से वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग के लिए कहा जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि 2 से 5 साल के बच्चों के लिए डेटा जल्द आ जाएंगे। फाइजर ने उम्मीद जताई कि अक्टूबर या नवंबर में छह माह से दो साल तक के बच्चों के लिए भी डेटा उपलब्ध होंगे।

कंपनी के अनुसार वैक्सीनेशन ट्रायल के लिए इस हफ्ते 5 से 11 साल के बच्चों का चयन शुरू कर दिया जाएगा। इन बच्चों को 10 माइक्रोग्राम की दो खुराकें दी जाएंगी। यह डोज किशोर और वयस्कों को दी जाने वाली वैक्सीन की खुराक का एक तिहाई माना जा रहा है। इसके कुछ हफ्ते बाद छह माह से अधिक उम्र के बच्चों पर टीके का ट्रायल शुरू होगा। उन्हें तीन माइक्रोग्राम वैक्सीन दी जाएगी।

Read More: माता वैष्णव देवी मंदिर के कैश काउंटर पर लगी भीषण आग,करीब 1 घंटे में पाया गया काबू

कई कंपनियां कर रही है टेस्ट

फाइजर के अलावा मॉडर्ना भी 12-17 साल के बच्चों पर वैक्सीन का परीक्षण कर रही हैं। उसके भी जल्द नतीजे सामने आने वाले हैं। बीते माह एस्ट्राजेनेका ने 6 से 17 साल तक के बच्चों पर ब्रिटेन में अध्ययन शुरू किया है। वहीं, जॉनसन एंड जॉनसन ने भी बच्चों पर अध्ययन करना शुरू कर दिया है। वहीं चीन की सिनोवैक ने तीन साल तक के बच्चों पर भी अपनी वैक्सीन को असरदार बताया है।

Story Loader