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कुदरत का ये फरिश्ता बेजान चीज़ों में डालता है जान, बन चुकी है इन पर ऑस्कर फेम फिल्म

एक ऐसे ही व्यक्ति है रॉ पॉलैट जिन्होंने अपनी कला का ऐसा बेहतरीन प्रदर्शन किया जिससे कि लोग उनके मुरीद बन गए है।

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Ra Paulette

नई दिल्ली। किसी इंसान में कला, प्रकृति की देन होती है जिसे वो जन्म से ही अपने अंदर लेकर पैदा होता है। बाद में अभ्यास और प्रयत्न से इंसान उस कला को और धारदार बनाता है और फिर दुनिया के सामने उसकी कला मिसाल बन जाती है और उसकी पहचान ही उस कला के रूप में की जाती है। एक ऐसे ही व्यक्ति है रॉ पॉलैट जिन्होंने अपनी कला का ऐसा बेहतरीन प्रदर्शन किया जिससे कि लोग उनके मुरीद बन गए है।

पॉलैट ने न्यू मैक्सिको में पाए जाने वाले गुफाओं के अंदर ऐसे नक्काशी की है जो कि वाकई में लाजवाब है और ऐसा उन्होंने किसी एक गुफा में नहीं बल्कि वहां पाए जाने वाले कई गुफाओं में किया है और सबसे बेहतर तो ये है कि किसी भी एक गुफा की कलाकारी किसी दूसरे से नहीं मिलती है। यहां पाए जाने वाले इन सुनसान गुफाओं में इस तरह नक्काशी कर उन्होंने उन पर जान ही छिड़क डाला। इससे भी ज्यादा हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि पॉलैट ने इससे संबंधित कोई भी औपचारिक ज्ञान या फिर ट्रेनिंग कभी नहीं ली।

अपनी जिंदगी के 27 साल पॉलैट यहां पाए जाने वाले पहाड़ों को खोदने में, पहाड़ो के अंदर गुफाओं में कलाकारी करने में और रेतिले पत्थरों से मुर्तियों को बनाने में लगा दिया।

पॉलैट की सबसे बड़ी खासियत ये है कि वो कभी एक ही डिजाइन को रिपीट नहीं करते और उनमें भिन्नताएं देखने को मिलती है। जैसे कि कुछ गुफाओं में उन्होनें वक्राकार ढ़ाल जैसे बनाएं है जिससे मोमबत्तियों को रखा जा सके और इसके साथ ही एक गुफा में उन्होंने स्काईलाइट का निर्माण किया है जिससे कि अंदर सूरज की रोशनी पहुंच सकें।

पॉलैट की एक और खासियत है और वो ये कि पॉलैट ये सब कुछ पैसों की खातिर नहीं करते हैं बल्कि इसे अपना शौक मानने वाले पॉलैट का कहना है कि वो इसे कला के प्रति समर्पण मानते हैं। वो इन कलाकृतियों के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं और इसे ही जन सेवा भी मानते हैं।

पॉलैट को खास पहचान उस वक्त मिली जब साल 2014 में ऑस्कर में नामांकित हुए लोकप्रिय डाक्यूमेंटरी केव डिगर में उनके काम और जिंदगी पर प्रकाश डाला गया। तब से लोग इस मशहूर स्वार्थहीन कलाकार की कला को पहचानने लगे और उनके कला को तहे दिल से स्वीकारा।