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दमिश्क। सीरिया को लेकर अमेरिका और रूस के बीच कड़वाहट बढ़ती जा रही है। हाल ही में सीरिया में हुए रासायनिक हमलों को लेकर अमेरिका जहां सख्त रवैया अपनाने की तैयारी कर रहा है। वहीं रूस सीरिया के शासक बशर अल असद के पक्ष में बोल रहा है। संयुक्त राष्ट्र के लिए रूसी दूत वसिली नेबेन्जिया ने गुरुवार को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका सीरिया पर हमला करता है तो इससे रूस और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। नेबेन्ज़िया ने आरोप लगाया है कि अमरीका और उसके मित्र देश अपनी आक्रामक नीतियों के कारण अंतरराष्ट्रीय शांति को ख़तरे में डाल रहे हैं। उन्होंने मौजूदा स्थिति को खतरनाक बताया है।
फ्रांस के पास रासायनिक हमले के सबूत
फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रो ने दावा किया है कि उनके पास इस बात के पक्के सबूत हैं कि सीरियाई सरकार ने बीते सप्ताह डूमा शहर पर हमला किया था और केमिकल हथियारों का इस्तेमाल किया था। उनका कहना है कि वो वक्त आने पर फ़ैसला करेंगे कि हवाई हमलों से इसका जवाब दिया जाना चाहिए या नहीं। मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि डूमा में पीड़ितों के ख़ून और मूत्र के जो नमूने लिए गए थे उनमें क्लोरीन और एक नर्व एजेंट पाया गया है। गौरलब है कि सीरिया में हुए रासायनिक हमलों में 70 लोंगों के मारे जाने की सूचना है।
ट्रंप की चेतावनी
दस अप्रैल को सीरिया में हुए रासायनिक हमले की खबरों के बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 11 अप्रैल को चेतावनी दी थी कि रूस अपने दोस्त सीरिया पर मिसाइल हमले के लिए तैयार रहे। मगर इसके एक दिन बाद उन्होंने ट्वीट करके कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि वो सीरिया पर कब हमला करेंगे। उन्होंने कहा कुछ भी हो उनके प्रशासन में अमरीका ने उस इलाके से इस्लामिक स्टेट को खदेड़ने के लिए बेहतरीन काम किया है। किसी ने उन्हें इसके लिए धन्यवाद नहीं कहा है।
लैटिन अमरीका का दौरा रद्द किया
सीरिया में हुए रासायनिक हमले के बाद अमरीकी राष्ट्रपति ने लैटिन अमरीका के अपने दौरे को रद्द कर दिया था ताकि वो रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के साथ रह सकें और सीरिया के मुद्दे पर चर्चा कर सकें। इस दौरान वह फ्रांस और ब्रिटेन के नेताओं के साथ मिल कर हमलों के बारे में चर्चा भी कर रहे थे। गुरुवार को अमरीकी रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के एक पैनल को बताया था कि उन्हें लगता है कि सीरिया में केमिकल हमला हुए हैं और इसके सबूत तलाशे जा रहे हैं।
जांच दल भेजने की तैयारी
सीरिया में राहत और बचावकर्मियों और डॉक्टरों ने दावा किया कि डूमा शहर में 10 अप्रैल को हवाई हमला हुआ और जो बम यहां गिराए गए उनमें ज़हरीली गैस भरी हुई थी। इस कारण यहां दर्जनों लोगों की मौत हुई है। सीरिया की असद सरकार ने हमले के पीछे अपना हाथ होने की ख़बरों से इनकार किया है। केमिकल हथियारों के इस्तेमाल के ख़िलाफ़ काम करने वाला अंतरराष्ट्रीय संगठन आॅर्गेनाइजेशन आॅफ केमिकल वेपन्स डूमा में अपने जांच दल को भेज रहा है। जल्द वह संयुक्त राष्ट्र संगठन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
Published on:
13 Apr 2018 08:56 am
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