
रियाद। अचानक लापता हुए पत्रकार जमाल खशोगी के केस में एक बड़ा मोड़ आया है। दरअसल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सऊदी अरब जल्द इस मामले में एक रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसमें वो स्वीकार कर सकता है कि पत्रकार की मृत्यु पूछताछ के दौरान हुई। हालांकि ऐसी आशंका जताई जा रही है कि तुर्की के इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में खशोगी की हत्या की गई है।
दो अलग-अलग सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी
इस घटना की वैश्विक स्तर पर आलोचना की हो रही है। खासकर अमरीकी प्रशासन और कई बड़े मीडिया संस्थानों ने इस मामले के बाद अपना विरोध व्यक्त किया है। सऊदी अरब की ओर से बार-बार ये बयान जारी किया गया कि अपने सभी नागरिकों की सुरक्षा का जिम्मा प्रशासन का है। हालांकि इसी बीच दो अलग-अलग सूत्रों के हवाले से पता चला है कि सऊदी अरब रिपोर्ट तैयार कर ये स्वीकार करने वाला है कि खशोगी की मौत पूछताछ के वक्त हुई थी। सूत्र ने ये भी दावा किया कि उक्त पूछताछ तुर्की से उनके अपहरण के बारे में की जा रही थी।
वाशिंगटन पोस्ट के लिए काम करते थे खशोगी
मूल रूप से सऊदी के नागरिक खशोगी अमरीका के स्थायी नागरिक थे। वहां वे वॉशिंगटन पोस्ट के लिए काम करते थे। उनके लापता होने के बाद अमरीकी सांसद ने मांग उठाई कि सऊदी अरब के साथ 110 अरब अमरीकी डॉलर का बड़ा रक्षा करार रद्द कर दी जाए। इसके साथ ही कई कंपनियों, सीईओ, अखबारों ने सऊदी अरब में होने जा रहे एक वित्तीय सम्मेलन से अपना नाम वापस ले लिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी सऊदी अरब को चेतावनी
गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के प्रिंस सलमान से इस बारे में बात की थी। लेकिन प्रिंस सलमान ने पत्रकार के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया था। साथ ही सऊदी अरब ने भी आधिकारिक तौर बयान जारी किया था कि खशोगी दूतावास से जा चुके थे। इसके बाद ट्रंप ने मामले में सऊदी अरब को गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी भी दी थी।
Published on:
16 Oct 2018 11:57 am
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