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जम्मू-कश्मीर से धारा 370 खत्म करने के फैसले पर विश्वभर में हो रही है चर्चा

मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया जम्मू-कश्मीर से धारा 370 खत्म होने के बाद वैश्विक स्तर पर इसकी चर्चा हो रही है
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नई दिल्ली

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Anil Kumar

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Updated: 10 Aug 2019, 9:06 PM IST

Article 370

मोदी सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली धारा 370 को खत्म करने के साथ ही देश-दुनिया से तमाम तराह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं..

कई देशों ने मोदी सरकार के फैसले को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए समर्थन जताया तो कई देशों ने आपत्ति जताई.. आपत्ति जताने वालों में सबसे आगे पाकिस्तान है…

पाकिस्तान धारा 370 के खत्म होने पर इस तरह से विलाप कर रहा है जैसे मोदी सरकार ने लाहौर या इस्लामाबाद पर कब्जा कर लिया..

पाकिस्तान ने धारा 370 के मसले पर चर्चा करने के लिए बीते दिनों राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई और कई अहम फैसले लिए.. इसमें सबसे बड़ा फैसला रहा.. भारत के साथ व्यापारिक और राजनयिक संबंध तोड़ना..

इसके अलावा पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस, थार एक्सप्रेस और लाहौर बस सेवा को बंद कर दिया.. साथ ही पाकिस्तान ने कहा कि वह इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले जाएगा..

धारा 370 खत्म होने पर चीन की आपत्ति

दूसरी तरफ चीन ने भी भारत के इस फैसले पर आपत्ति जताई.. चीन ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस संदर्भ में भारत के फैसले के साथ नहीं है…चीन ने मंगलवार को कहा कि भारत का यह कदम उसकी क्षेत्रीय संप्रभुता के खिलाफ है..

आर्टिकल 370 खत्म होने पर आतंकी अजहर की धमकी, कहा- भारत के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुवा चुनयिंग ने जम्मू-कश्मीर में भारत द्वारा किए गए बदलावों पर कहा, 'हाल के दिनों में भारतीय पक्ष ने अपने घरेलू कानूनों को इस तरह से संशोधित किया है, जिससे चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता को कमजोर किया जा सके। यह अस्वीकार्य है।’

जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की ओर से भी एक बयान सामने आया जिसमें उन्होंने चिंता जाहिर की और कहा कि मानवाधिकार उल्लंघन के मामले बढ़ सकते हैं..

इन देशों ने भारत का किया समर्थन

तो वहीं रूस, मालदीव , श्रीलंका , अफगानिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे कई देशों ने मोदी सरकार के फैसले का स्वागत किया.. इन सभी देशों ने साफ-साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर का मामला भारत का आतंरिक मामला है.. हालांकि सभी देशों ने भारत-पाकिस्तान को संयम बरतने की भी सलाह दी..

अभी तक इस मामले में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.. इससे पहले बीते महीने व्हाइट हाउस में इमरान खान से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कश्मीर विवाद पर मध्यस्थता की पेशकश की थी..जिसपर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी..

बहरहाल, इन सभी वैश्विक प्रतिक्रियाओं के बीच मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर में बदले माहौल को संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार है और प्रधानमंत्री मोदी ने हर कश्मीरी नागिरकों को यह भरोसा दिया है कि बहुत जल्द हालात सुधर जाएंगे..