
तालिबान पर भरोसा कर गलती कर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप, भारत जैसे देशों के सामने बड़ी मुश्किल
मॉस्को। तालिबान और अमरीका के बीच शांति वार्ता रद्द होने के बाद अब आतंकी संगठन रूस की शरण में पहुंचा है। शुक्रवार को तालिबान का एक प्रतिनिधिमंडल रूस पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तालिबान के कतर स्थित प्रवक्ता सुहैल शाहीन के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने अफगानिस्तान को लेकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दूत जमीर काबुलोव के साथ चर्चा की।
तालिबान के एक अधिकारी ने इस यात्रा की पुष्टि की है। रूस के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि रूस इस बैठक को अमरीका और तालिबान के बीच वार्ता बहाल करने की आवश्यकता के तौर पर देखता है और तालिबान ने भी वॉशिंगटन के साथ वार्ता जारी रखने के लिए तैयार होने की पुष्टि की है।
अमरीका के साथ वार्ता के प्रयास नाकाम होने के बाद यह तालिबान की पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुल्ला शेर मोहम्मद स्टानिकजई कर रहा है। शाहीन ने मंगलवार को तालिबान की आधिकारिक वेबसाइट पर कहा था कि समूह अब भी अमरीकी वार्ताकारों से बात कर रहा है ताकि कम से कम यह पता चले कि आगे क्या करना है।
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Updated on:
14 Sept 2019 02:20 pm
Published on:
14 Sept 2019 11:06 am
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