
भारत रत्न नेल्सन मंडेला की आज 100वीं जयंती, दुनिया भर में लोग कर रहे याद
नई दिल्लीः अफ्रीका में गांधी जी के नाम से मशहूर नेल्सन मंडेला की आज 100वीं जयंती है। आज के ही दिन 18 जुलाई वर्ष 1918 को उनका जन्म ट्रांसकी के मर्वेजो गांव में हुआ था। लोग उन्हें प्यार से मदीबा नाम से पुकारते थे। मंडेला का जन्मदिन पूरी दुनिया में नेल्सन मंडेला अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर अफ्रीका समेत पूरी दुनिया में लोग नेल्सन मंडेला को याद कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेल्सन मंडेला को अफ्रीका का गांधी जी भी कहा जाता है। इसकी मुख्य वजह ये है कि महात्मा गांधी के विचारों से वे काफी प्रभावित थे। मंडेला जीवन भर देश के लोगों के लिए काम करते रहे।
शांति के दूत थे नेल्सन मंडेला
गांधी जी के विचारों से प्रभावित नेल्सन मंडेला ने जीवन पर शांति दूत के तौर पर काम किया। अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ अभियान के दौरान वे दुनिया की निगाहों में आए। मंडेला ने अफ्रीका में रंगभेद को खत्म करने और लैंगिक समानता के लिए सराहनीय काम किया। मानवाधिकारों की रक्षा के लिए भी उन्होंने आवाज उठाई। लोगों की भलाई के लिए काम करने के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा। अपने जीवन का 27 साल उन्होंने जेल में ही बिताए।
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भारत रत्न पाने वाले पहले विदेशी थे मंडेला
नेल्सन मंडेला के कामकाज से प्रभावित होकर भारत सरकार ने उन्हें 1990 में भारत रत्न से सम्मानित किया। मंडेला भारत रत्न पाने वाले पहले विदेशी थे। कहा जाता है कि मंडेला का भारत से विशेष लगाव था। इसी वजह से भारत में भी लोग उनका नाम बड़े आदर के साथ लेते हैं। किताबों में भी उनकी जीवनी को शामिल किया गया है। 3 दिसंबर, 2013 को नेल्सन मंडेला इस दुनिया को छोड़कर हमेशा-हमेशा के लिए चले गए।
Published on:
18 Jul 2018 07:51 pm
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