कश्मीर मसले पर चीन ने दिया पाकिस्तान का साथ, यूएनएससी में बंद दरवाजे की बैठक में चर्चा को तैयार

कश्मीर मसले पर चीन ने दिया पाकिस्तान का साथ, यूएनएससी में बंद दरवाजे की बैठक में चर्चा को तैयार

Mohit Saxena | Publish: Aug, 16 2019 09:39:05 AM (IST) | Updated: Aug, 16 2019 04:00:06 PM (IST) विश्‍व की अन्‍य खबरें

  • इस संबंध में चीन ने सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष जोआना रेकोनाका को खत लिखा था
  • भारतीय समायनुसार शाम 7:30 बजे यह बैठक होगी

नई दिल्ली। आखिरकार जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद अब चीन और पाकिस्तान ने मिलकर चाल चलनी शुरू कर दी है। पाकिस्तान को चीन का सहारा मिल गया है। चीन ने धारा 370 पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बंद दरवाजे (क्लोज डोर) में बैठक बुलाने की मांग की थी। शुक्रवार को भारतीय समायनुसार शाम 7:30 बजे यह बैठक होगी।

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UNSC के अध्यक्ष जोआना रेकोनाका को खत लिखा था

इस संबंध में चीन ने सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष जोआना रेकोनाका को खत लिखा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। अब जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने पर सुरक्षा परिषद बंद दरवाजे में बैठक करने जा रहा है। इससे पहले पाक ने धारा 370 के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन ओपन डोर बैठक बुलाने की मांग की थी, जिसे मानने से इनकार कर दिया गया था।

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अनुसार बंद दरवाजे में प्राइवेट मीटिंग पूरी तरह से गोपनीय होती है और इसमें सिर्फ सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य ही हिस्सा लेते हैं। इस बैठक में ऐसे देशों को भी हिस्सा नहीं लेने दिया जाता है,जिनसे संबंधित मुद्दा होता है।

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इस बंद दरवाजे में होने वाली बैठक में सुरक्षा परिषद के सदस्यों द्वारा दिए जाने वाले बयानों का रिकॉर्ड नहीं होता है। इस बैठक को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग तक नहीं होती है। लिहाजा बैठक में होने वाली पूरी चर्चा सार्वजनिक नहीं हो पाती है। इसकी जानकारी प्रेस रिलीज के जरिए नहीं दी जाती है। बल्कि बेहद संक्षिप्त जानकारी जारी की जाती है।

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पांच स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य हैं। चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और अमरीकी स्थायी सदस्य हैं। इनके पास वीटो पावर है। वीटो पावर के जरिए किसी भी प्रस्ताव को खारिज किया जा सकता है। किसी भी प्रस्ताव पर इन पांच देशों में से कोई एक भी विरोध करता है,तो वो सुरक्षा परिषद में पास नहीं होता है।

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