
संयुक्त राष्ट्र। मोस्ट वांटेड आतंकी अजहर मसूद अजहर ( Masood Azhar ) के मामले पर भारत को एक बड़ी कामयाबी मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। आज संयुक्त राष्ट्र में इस मामले पर सुनवाई होनी है। आपको बता दें कि भारत के पक्ष में प्रस्ताव को अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस का समर्थन मिला हुआ है। उधर मसूद अजहर को तीन बार 'जीवनदान' दे चुके चीन ने अपने रुख में बदलाव के संकेत दिए हैं। मसूद अजहर मामले में चीन तीन बार अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर टांग अड़ा चुका है। अब चीन ने अपने तेवर में नरमी के संकेत दिए हैं और ऐसे में माना जा रहा है कि वह इस मुद्दे पर अपना वीटो हटा सकता है।
भारत के लिए बड़ी कामयाबी
पुलवामा आतंकी हमले के गुनाहगार और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के ऊपर आज भारत को बड़ी कामयाबी मिल सकती है। माना जा रहा है कि आज चीन इस मामले पर अपना रुख बदलते हुए भारत का साथ दे सकता है। अगर ऐसा हुआ तो फिर भारत के लिए इससे अच्छी बात और कोई नहीं हो सकती। गौरतलब है कि भारत लंबे समय से इस कोशिश में लगा हुआ कि मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित कर उस पर सुरक्षा परिषद का बैन लगा दिया जाए लेकिन हर बार चीन ने इस मामले पर अपने वीटो का इस्तेमाल किया। लेकिन आखिरकार भारत की कोशिशें कामयाब होती दिख रही हैं और लम्बे समय बाद अब चीन अपना वीटो पावर हटाने को तैयार हो गया है।
चीन ने दिए बदलाव के संकेत
अमरीका, यूके और फ्रांस की तरफ से संयुक्त रूप से प्रस्ताव लाए जाने के बाद चीन भारी दबाव में था। अमरीका ने तो बाकायदा इस मुद्दे पर चीन को दो बार चेतावनी भी दी थी। जब चीन को लगा कि वह इस मामले पर दुनिया भर में घिर रहा है और अलग थलग पड़ रहा है तो उसने इस मामले पर अपना रैवया बदल दिया।चीन ने कहा है कि मसूद अजहर मामले को सही तरीके से हल करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि अभी भी चीन ने इसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की है। लेकिन इसे भारत की दृष्टि से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि मसूद अजहर मामले में पर अधिकतम सदस्यों की सहमति हो और इसे आपसी बातचीत के जरिए आगे बढ़ा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मसूद मामले पर सदस्य देशों के बीच बातचीत चल रही है जो 'सकारात्मक' है। उन्होंने कहा कि चीन को विश्वास है कि बहुत जल्द ही सभी सदस्य देशों में एक आम समहति बन जाएगी और हम इस दिशा में काफी आगे भी बढ़े हैं। गौरतलब है कि चीन ने बीते 17 अप्रैल को इन खबरों को खारिज किया था कि अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्म्द के सरगना मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने पर यूएन में लगाई तकनीकी रोक को हटाने के लिए 23 अप्रैल तक की समयसीमा दी थी।
क्या आज यह जंग जीतेगा भारत
बुधवार को संयुक्त राष्ट्र की महत्वपूर्ण 1267 समिति की बैठक होनी है। इस समिति की बैठक में इस बात का विचार किया जाएगा कि क्या मसूद अजहर पर बैन लगाया जाए या नहीं। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद से ही भारत ने मसूद अजहर पर बैन लगाने की कोशिशें तेज कर दी थी। असल में इस मामले पर भारत को दुनिया के सभी ताकतवर देशों का समर्थन मिला हुआ है। यह बात चीन भी अच्छी तरह से जानता है। चीन इसके पहले पाकिस्तान का साथ देने की नीयत से मसूद अजहर को बैन करने की कोशिशों को झटका दे चुका है। इससे दुनिया भर में उसकी खासी किरकिरी हुई है।
विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..
Updated on:
01 May 2019 05:51 pm
Published on:
01 May 2019 10:14 am
बड़ी खबरें
View Allविश्व की अन्य खबरें
विदेश
ट्रेंडिंग
