
किम से डरा अमरीका,रक्षा रडार प्रणाली लगाएगा
होनोलुलु। महीना भर पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की मुलाकात शायद दोनों बीच कोई स्थिरता कायम नहीं कर सकी है। अमरीकी सेना को उत्तर कोरिया की मिसाइलों से डर सताने लगा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक,उनकी सेना अब हवाई में मिसाइल रक्षा रडार प्रणाली लगाना चाहती है ताकि उत्तर कोरिया या किसी भी दूसरे देश की ओर से दागे गए बलिस्टिक मिसाइलों की पहचान कर उन्हें नष्ट किया जा सके। इस मिसाइल डिफेंस रडार को लगाने में करीब 1 अरब डॉलर यानी 68 अरब रुपये का खर्च आएगा।
असली—नकली में करेगा फर्क
यह प्रणाली फर्जी और असली मिसाइलों मे फर्क करने में सक्षम होगी। फिलहाल नकली मिसाइल दाग कर मिसाइल रक्षा प्रणालियों को गुमराह कर दूसरी मिसाइल से सटीक निशाना साधा जा सकता है। हवाई से डेमोक्रैटिक पार्टी के सेनेटर ब्रायन स्कात्ज का कहना है कि रडार अलास्का मिसाइलों को सटीक जानकारी देगा। अलास्का एक मिसाइल है,जिसका काम देश की ओर दागे गए मिसाइलों को बीच में ही नष्ट करना है।
रडार के लिए अध्ययन करेगी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,एजेंसी रडार के लिए दो संभावित स्थानों का अध्ययन कर रही है,जिनमें से दोनों ओहाहु के उत्तरी तट पर हैं। एजेंसी ने 16 जुलाई तक लोगों से इसपर टिप्पणी मांगी है। होनलुलु में पसिफिक फोरम थिंक टैंक में न्यूक्लियर पॉलिसी के लिए सीनियर डायरेक्टर और सीनियर फेलो डेविड सैंटोरो ने कहा कि बीते कुछ हफ्तों से,हमने तथाकथित शांति की पहल देखी है, लेकिन सच्चाई यही है कि डर अभी भी बना हुआ है। यह जानेवाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस खतरे से बचने के लिए रडार बना रहा है। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं लग सका है कि यह प्रणाली कब तक विकसित होगी।
Published on:
27 Jun 2018 02:55 pm
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