
मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमरीका में प्रवेश पर ट्रंप ने लगाई थी पाबंदी, SC ने बताया सही
वाशिंगटन। अमरीका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले को सही करार देते हुए उसपर मुहर लगा दी है। दरअसल अमरीका की सर्वोच्च अदालत ने ट्रंप के उस फैसले को सही करार दिया है जिसमें उन्होंने मुस्लिम बहुसंख्यक देशों के नागरिकों के अमरीका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब कोर्ट के इस फैसले के बाद इसे ट्रंप प्रशासन की एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने 5-4 से नीचली अदालत के फैसले को पलटा
आपको बता दें कि ट्रंप ने एक ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी और अपनी खुशी को 'वॉव' लिखकर जाहिर किया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के फैसले को 5-4 से पलट दिया। बता दें कि इससे पहले ट्रंप के इस फैसले को मुस्लिमों के खिलाफ एक गैरकानूनी प्रतिबंध बताकर इसकी आलोचना की जा रही थी। हालांकि अब कोर्ट के फैसले के बाद इस विवाद को खत्म माना जा रहा है।
निचली अदालत ने ट्रंप के फैसले पर लगाई थी रोक
आपको बता दें कि बीते वर्ष सितंबर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर निचली अदालत ने रोक लगा दी थी। हालांकि अब सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई करते हुए कहा कि चुनौतीकर्ता इस बात को साबित करने में नाकाम रहे हैं कि यह प्रतिबंध तो अमरीकी आव्रजन कानून या एक धर्म पर दूसरे धर्म को सरकारी तरजीह देने पर अमरीकी संविधान के पहले संशोधन का उल्लंघन करता है। इस मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर पर्याप्त सबूत पेश किए हैं और उसे न्योयोचित साबित किया है। हालांकि उन्होंने कहा कि कोर्ट का इस मामले में अपना कोई विचार नहीं है। अब इस फैसले के बाद से अमरीका में लगे प्रतिबंध जारी रह सकता है और ट्रंप इसमें संशोधन करते हुए कुछ और जोड़ सकते हैं।
ट्रंप ने क्या कहा था
आपको बता दें कि बीते वर्ष सितंबर में डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व के कुछ मुस्लिम देशों के नागरिकों के खिलाफ ट्रैवल बैन की घोषणा की थी। जिसके तहत इरान, लिबिया, सोमालिया, सीरिया और यमन से आने वाले अधिकतर लोगों का अमरीका में प्रवेश रोक दिया गया था। इस फैसले के बाद मानवाधिकारवादी संगठनों ने ट्रंप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। ट्रंप के इस फैसले की कड़ी आलोचना की जाने लगी। ट्रंप के फैसले को चुनौती देने वालों का तर्क था कि यह नीति मुस्लिमों के खिलाफ ट्रंप की शत्रुता से प्रेरित है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा था कि ट्रंप के उन बयानों को भी संज्ञान लिया जाए जिसमें उन्होंने मुस्लिमों के खिलाफ उकसावे से भरे बयान राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान दिए थे।
Published on:
26 Jun 2018 09:58 pm
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