विश्‍व की अन्‍य खबरें

कांगो में ज्वालामुखी विस्फोट : 15 लोगों की मौत, 500 से ज्यादा घर नष्ट

कांगो में गोमा शहर के पास स्थित ज्वालामुखी नीरागोंगो फट गया। लावा बहकर राजमार्ग पर आ गया। यह देखकर लोग डरकर अपने घरों से भागने लगे। इसमें 15 लोगों की मौत हो गई है जबकि 500 से अधिक घर नष्ट हो गए है।

2 min read
Volcanic

नई दिल्ली। अफ्रीकी देश कांगो (Congo) में गोमा शहर के पास स्थित ज्वालामुखी नीरागोंगो फट गया। जिससे रात में पूरा आसमान लाल हो गया। लावा बहकर एक प्रमुख राजमार्ग पर आ गया। यह नजारा देखकर लोगों में दहशत फैल गई और वह डरकर अपने घरों से भागने लगे। इस घटना में करीब 15 लोगों की मौत हो गई है जबकि 500 से अधिक घर नष्ट हो गए है। इस बीच भारतीय सेना की टुकड़ी ने संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत यहां से नागरिकों और यूएन कर्मियों की सुरक्षित निकासी कराई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार रात माउंट न्यारागोंगो के विस्फोट ने करीब 5,000 लोगों को पास की सीमा के पास गोमा शहर से सुरक्षित निकालकर रवांडा भेजा गया है और करीब 25,000 अन्य लोगों ने उत्तर-पश्चिम में शरण ली।

आकाश में सैकड़ों मीटर तक धुंआ और आग की लपटें
ज्वालामुखी फूटाने कुछ समय बाद ही पूरा आकाश लाल रंग का हो गया। हर तरफ सिर्फ आग ही आग थी। वहीं दूसरी तरफ लोग जान बचाने के लिए इधर उधर भागते नजर आए। माउंट न्यारागोंगो में ज्वालामुखी फूटा है और आकाश में सैकड़ों मीटर तक धुंआ और आग की लपटें फैलीं हैं तो ज्वालामुखी से लगातार लावा निकल रहा है। लावा बहकर सड़क तक आ गया। इस शहर की आबादी 20 लाख के करीब है। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट तक लावा बहकर आ गया था लेकिन अब सबकुछ नियंत्रित बताया जा रहा है।

हजारों लोगों ने छोड़ा अपना घर
संयुक्त राष्ट्र के शांति रक्षा मिशन की ओर से ज्वालामुखी फटने के बाद की शहर की तस्वीर ट्वीट की गई। उसने कहा कि वह अपने विमानों के जरिए क्षेत्र पर नजर रख रहा है। ऐसा लगता नहीं है कि लावा गोमा शहर की ओर बढ़ रहा है, फिर भी हम सतर्क हैं। भारतीय सेना की टुकड़ी ने संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत यहां से नागरिकों और यूएन कर्मियों की सुरक्षित निकाला। ज्वालामुखी फटने के बाद हजारों की संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। रविवार को हजारों लोगों ने पास स्थित रवांडा की सीमा को पार किया है। जबकि कुछ लोग शहर के पश्चिम में स्थित ऊंचे स्थान पर चले गए। ज्वालामुखी ने करीब 15 लोगों की जान ले ली है और 500 से अधिक घर नष्ट हो गए है। रवांडा के प्रशासन का कहना है कि गोमा के करीब 3000 लोगों ने सीमा पार की है।

2002 में 250 लोगों की हुई थी मौत
यह ज्वालामुखी पिछली बार वर्ष 2002 में फटा था तब यहां सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी और लावा हवाईअड्डे के सभी रनवे पर पहुंच गया था। दो दशक पहले नीरागोंगो फटा था, जिससे 250 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 1 लाख 20 हजार लोग बेघर हो गए थे। आपको बता दें कि माउंट न्यारागोंगो ज्वालामुखी दुनिया के सबसे ज्यादा एक्टिव ज्लालामुखियों में से एक है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 10 मई को इस ज्वालामुखी में विस्फोट होने की चेतावनी जारी की गई थी। इस ज्वालामुखी ने सबसे ज्यादा खौफ 1977 में बरपाया था। उस समय 600 से ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

Published on:
24 May 2021 08:35 am
Also Read
View All

अगली खबर